बारिश ने रोकी राजधानी की रफ्तार! सड़के हुईं जलमग्न...हाइवे जाम, दिल्ली में टूट गया 15 साल का रिकॉर्ड

Delhi NCR Rain: मंगलवार की शाम हुई बारिश ने राजधानी दिल्ली की रफ्तार रोक दी। सड़कों पर जलभराव देखने को मिला था तो हाईवेज पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। वहीं, अब भी रुक-रुक कर बारिश जारी है।
delhi-rain-breaks-15-year-record-roads-waterlogged-traffic-jam
दिल्ली में बारिश से जाम (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Delhi NCR Rain: दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लोगों को ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ रहा है। एक दिन पहले ही गुरुग्राम में लोगों ने भीषण जाम देखा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। सोमवार की तरह मंगलवार को भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। नतीजतन, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया।

पीक ऑवर्स, यानी शाम को जब लोग अपने ऑफिस से घर जाने के लिए निकले, तो उन्हें भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। आमतौर पर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफर करने में करीब 30 मिनट का समय लगता था, लेकिन बारिश के कारण जलभराव और वाहनों की भीड़ बढ़ने से यह समय बढ़कर 3 से 4 घंटे हो गया है।

झमाझम ने बढ़ाईं मुश्किलें!

ट्रैफिक जाम और बारिश की यह समस्या दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़ा संकट बन गई है। बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव और जाम की समस्या देखी गई। खासकर शाम के समय, जब लोग अपने ऑफिस से घर लौट रहे होते हैं, तो ट्रैफिक जाम के कारण उनका सफर सामान्य से कई गुना लंबा हो जाता है।

पेड़ गिरने से युवक की मौत

दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले फ्लाई-वे मंगलवार शाम को जाम लग गया। सड़क पर वाहन रेंगते या बहुत धीमी गति से चलते दिखाई दिए। एक एम्बुलेंस भी जाम में फंसी देखी गई। ट्रैफिक जाम ने लोगों की रफ्तार रोक दी तो वहीं पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान भी चली गई।

खुल गई तैयारियों की पोल

दिल्ली-एनसीआर में हो रही बारिश ने एक बार फिर राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ घंटों की बारिश ने सड़के तालाबों में तब्दील हो गईं। राजधानी में एम्स, सुप्रीम कोर्ट, साकेत, कालकाजी और दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाकों की सड़कें जलभराव से जूझ रही हैं।

टूट गया 15 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में अगस्त महीने में बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। इस साल राजधानी में 399.8 मिमी बारिश हुई है। 2024 में अगस्त में 390.3 मिमी, 2023 में 91.8 मिमी और 2010 में 455.8 मिमी बारिश हुई थी। इससे पहले साल 2010 में ऐसी बारिश देखने को मिली थी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com