अमेरिकी से तनातनी के बीच चीन-भारत आए साथ, चीनी विदेश मंत्री के साथ एस जयशंकर ने की बैठक

India China Meeting: चीन के विदेश मंत्री वांग यी दो दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे, जहां उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
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चीनी विदेश मंत्री के साथ एस जयशंकर की बैठक (Image- Social Media)
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Chinese Foreign Minister India Visit: दुनियाभर में चल रही उठापटक के बीच के विदेश मंत्री वांग यी सोमवार को भारत दौरे पर पहुंचे। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान चीनी विदेश मंत्री ने आज अपने समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। उनकी इस मुलाकात में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई।

बता दें कि सोमवार को एस जयशंकर से मुलाकात के बाद चीनी विदेश मंत्री सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वें दौर की बातचीत के लिए कल सुबह 11 बजे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मिलेंगे।

क्या कहा विदेश मंत्री जयशंकर ने?

चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ अपनी बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ लड़ाई एक और प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मैं हमारे विचारों के आदान-प्रदान की प्रतीक्षा कर रहा हूं। हमारी उम्मीद है कि हमारी चर्चा भारत और चीन के बीच एक स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी संबंध बनाने में योगदान देगी, जो हमारे हितों की पूर्ति करेगा तथा हमारी चिंताओं का समाधान करेगा।

एससीओ शिखर सम्मेलन का जिक्र

विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे कहा कि आप चीन द्वारा तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। हमने इसकी अध्यक्षता के दौरान चीन के पक्ष के साथ मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा कि हम आपके लिए मजबूत परिणामों और निर्णयों के साथ एक सफल शिखर सम्मेलन की कामना करते हैं।

चीन के विदेश मंत्री ने क्या कहा?

विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि हमने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखा और शिजांग स्वायत्त क्षेत्र में माउंट गंग रेनपोछे और झील मपाम युन त्सो की भारतीय तीर्थयात्रा फिर से शुरू की।

उन्होंने आगे कहा कि हमने हस्तक्षेप को दूर करने, सहयोग का विस्तार करने और चीन-भारत संबंधों के सुधार तथा विकास की गति को और मजबूत करने का विश्वास साझा किया, ताकि अपने-अपने कायाकल्प के साथ-साथ हम एक-दूसरे की सफलता में भी योगदान दे सकें। चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि इससे एशिया और दुनिया को सबसे आवश्यक निश्चितता मिलेगी।

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