

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अत्यधिक भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित राज्यों गुजरात, मणिपुर और त्रिपुरा को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से 675 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी है। यह राशि इन राज्यों को आपदा से निपटने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए जारी की गई है।
इस मंजूर राशि में से सबसे अधिक 600 करोड़ रुपये गुजरात के लिए आवंटित किए गए हैं, जो इस साल बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। मणिपुर को 50 करोड़ रुपये और त्रिपुरा को 25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। ये राज्य मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं, जिससे जन-जीवन और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
गुजरात में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान भारी बारिश और बाढ़ से कई जिलों में फसलें बर्बाद हो गईं, घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा, और लाखों लोग प्रभावित हुए। मणिपुर और त्रिपुरा, दोनों पूर्वोत्तर राज्य, भी भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आए हैं, जिससे वहां के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। केंद्र सरकार द्वारा दी गई यह सहायता राशि इन राज्यों को आपदा से निपटने, पुनर्वास कार्यों को तेज करने और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने में मदद करेगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) का उद्देश्य राज्यों को आपदाओं से निपटने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। केंद्र सरकार विभिन्न आपदा प्रभावित राज्यों को राहत और पुनर्वास के लिए समय-समय पर NDRF से राशि जारी करती है। इस कोष का उपयोग आपदा के दौरान तत्काल राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों के लिए किया जाता है।