प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
CBI Raids In Digital Arrest Cases: देश में बढ़ते ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने एक साथ 6 राज्यों में छापेमारी कर उस खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, जिसने केरल के एक बुजुर्ग से करीब 1.86 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस ऑपरेशन के दौरान सीबीआई ने नागपुर, गोवा और बेंगलुरु से तीन मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे घोटाले की रीढ़ माने जा रहे हैं।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 6 राज्यों में छापेमारी कर ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस मामले में केरल के एक बुजुर्ग से करीब 1.86 करोड़ रुपये ठगे गए थे। सीबीआई ने इस सिलसिले में नागपुर, गोवा और बेंगलुरु से 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोहम्मद मुश्ताक (नागपुर) : यह एक शेल कंपनी (फर्जी कंपनी) चलाता था। धोखाधड़ी से मिली रकम को ठिकाने लगाने के लिए इसने अपनी कंपनी के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। इसके पास से बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।
ब्लेसिन जैकब अब्राहम (गोवा) : इसे ‘म्यूल अकाउंट’ (पैसों की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) का ऑपरेटर माना जा रहा है। यह क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों के लेन-देन में भी शामिल था।
मोहम्मद जुनैद (बेंगलुरु) : यह फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था करता था। यह लोगों को 5जी सिम अपग्रेड का लालच देकर उनके केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग करता था और उन्हीं सिम कार्ड्स का इस्तेमाल साइबर अपराधों में होता था।
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