ठाणे में इंजीनियर से 3.15 करोड़ की साइबर ठगी: शेयर बाजार और डॉलर का लालच देकर लगाया चूना

Thane Cyber Fraud: ठाणे के मैकेनिकल इंजीनियर से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 3.15 करोड़ रुपये की ठगी। फर्जी वेबसाइट और डॉलर का लालच देकर ठगों ने दिया झांसा।
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Cyber Fraud प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Thane Cyber Fraud: महाराष्ट्र के ठाणे में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी सेंधमारी की है। शहर के कासारवडवली इलाके में रहने वाले एक 46 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर को शेयर बाजार में भारी मुनाफे का झांसा देकर 3.15 करोड़ रुपये की चपत लगाई गई है। ठगों ने पीड़ित को अमेरिकी डॉलर में कमाई का लालच दिया और एक फर्जी वेबसाइट के जरिए निवेश कराया। इस सनसनीखेज धोखाधड़ी के बाद ठाणे साइबर पुलिस ने तीन संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डिजिटल इंडिया के इस दौर में शिक्षित वर्ग का इस तरह शिकार होना चिंताजनक है। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए शुरुआती दौर में स्क्रीन पर फर्जी मुनाफा दिखाया, ताकि वह और अधिक पैसा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हो सके। जब पीड़ित ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए, तब उसे अपनी असलियत का पता चला।

अमेरिकी डॉलर का लालच और फर्जी वेबसाइट का खेल

साइबर पुलिस थाने के उप-निरीक्षक लाहू राठौड़ के अनुसार, यह पूरी साजिश पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को शुरू हुई थी। ठगों ने इंजीनियर से संपर्क कर उन्हें एक विशेष निवेश वेबसाइट के बारे में बताया, जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार से जुड़ी थी। इंजीनियर को बताया गया कि वह भारतीय रुपयों में निवेश कर अमेरिकी डॉलर में मुनाफा कमा सकता है। इस लुभावने वादे के झांसे में आकर पीड़ित ने 11 फरवरी 2026 तक अलग-अलग बैंक खातों के जरिए कुल 3,15,67,954 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

5 लाख डॉलर का फर्जी मुनाफा और अकाउंट फ्रीज

निवेश प्रक्रिया के दौरान, ठगों ने वेबसाइट के डैशबोर्ड पर पीड़ित को 5 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.15 करोड़ रुपये) का मुनाफा दिखाया। यह देखकर इंजीनियर का भरोसा पक्का हो गया कि उसका निवेश सही दिशा में है। हालांकि, असली खेल तब शुरू हुआ जब इंजीनियर ने इस मोटी रकम को अपने बैंक खाते में निकालने (Withdraw) की कोशिश की। जैसे ही उसने निकासी का प्रयास किया, जालसाजों ने तकनीकी खराबी और टैक्स के नाम पर और पैसों की मांग की और अंततः उसका ट्रेडिंग अकाउंट पूरी तरह बंद (Freeze) कर दिया।

तीन आरोपियों पर केस और पुलिस की कार्रवाई

ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने तुरंत ठाणे साइबर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने शुक्रवार (20 फरवरी) को इस संबंध में तीन नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस उन बैंक खातों की ट्रेल खंगाल रही है जिनमें पैसा भेजा गया था। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'हाई रिटर्न' वाले विज्ञापनों पर भरोसा न करें और निवेश से पहले सेबी (SEBI) पंजीकृत ब्रोकर की जांच अवश्य करें।

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