आम बजट में क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज महिलाओं को देंगी कुछ खास गुड न्यूज, जानें यहां

Union Budget 2024: महिलाएं शक्ति का प्रतीक मान जाती हैं।ऐसे में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से महिलाओं को क्या नई सोगात मिलेगी, इस पर सबकी नजर है। संसद में पेश आर्थिक समीक्षा समीक्षा में यह कहा गया कि लैंगिंग बजट में लगातार वृद्धि से महिलाओं के कल्याण को बढ़ाने के लिए सरकार की बहुआयामी पहल पहले ही स्पष्ट है।
nirmala sitharaman, budget 2024
(डिज़ाइन फोटो)
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Budget 2024: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण PM नरेंद्र मोदी की अगुवाई में गठित नई सरकार का पहला बजट पेश करने वाली हैं। आज संसद में सुबह 11:00 बजे बजट 2024 पेश होगा। यह केंद्रीय बजट 2024-25 मोदी 3.0 सरकार का पहला प्रमुख आर्थिक दस्तावेज भी होगा, जिसमें 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' में बदलने का रोडमैप पेश करने की उम्मीद की जा रही है।

आज के इस बजट पर आम आदमी से लेकर सैलरीड क्लास और मिडिल क्लास, हर कोई इस बजट में की उम्मीद कर रहा है। लेकिन आज महिलाओं को भी वित्त मंत्री से खास उम्मीदें हैं। वैसे भी महिलाएं शक्ति का प्रतीक मान जाती हैं। ऐसे में आज महिलाओं को क्या नई सोगात मिलेगी, इस पर सबकी नजर है।

गौरतलब है कि देश में महंगाई काफी बढ़ चुकी है। जिसका सीधा बोझ किचन पर पड़ा रहा है। ऐसे में आज उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए कुछ खास कदम बजट में उठाए गए होंगे। ताकि खाने की चीजों के बढ़ते दामों पर लागम लगाई जा सके। इसके अलावा बजट में महिला, शिक्षा, रेलवे, हेल्थ सेक्टर को लेकर भी कई तरह के ऐलान भी किए जा सकते हैं।

देखा जाए तो महिलाओं के बजट में लगातार वृद्धि हुई है और यह वित्त वर्ष 2013-14 के 97,134 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3।1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुकी है। बीते सोमवार को संसद में पेश 2023-24 की आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी दी गई है। इस तरह लैंगिंग बजट में इस साल 2023-24 की तुलना में 38.7 % और वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में 218.8 % की वृद्धि हुई। यह राशि कुल केंद्रीय बजट का 6.5 % है।

वहीं संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के अनुसार एक बड़े बदलाव के तहत भारत महिला विकास से महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ रहा है। समीक्षा में विभिन्न व्यवसायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार के विधायी हस्तक्षेप और प्रावधानों के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया कि 2023 में भारत की जी-20 अध्यक्षता ने महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्राथमिकता दी गई।

महिलाओं को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों के संबंध में समीक्षा एक व्यापक और व्यावहारिक नजरिये की जरूरत पर जोर देती है। इसमें बुनियादी जरूरतों जैसे स्वच्छता, पाइप से जलापूर्ति और मासिक-धर्म स्वच्छता तक पहुंच में सुधार के साथ ही आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा, उचित पोषण और समान अवसर सुनिश्चित करना शामिल है।

संसद में पेश आर्थिक समीक्षा समीक्षा में यह भी कहा गया कि लैंगिंग बजट में लगातार वृद्धि से महिलाओं के कल्याण को बढ़ाने के लिए सरकार की बहुआयामी पहल स्पष्ट है। लैंगिक बजट अब लगातार बढ़ रहा है और यह 2013-14 में 97,134 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

इसके साथ ही ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी सामाजिक सशक्तीकरण पहल ने जन्म के समय लिंग अनुपात में सुधार किया है और मातृ मृत्यु दर में कमी हुई। संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसे कार्यक्रम ने दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के उपयोग पर सकारात्मक प्रभाव दिखाया है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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