
देखिए कैसे हुआ सबसे बड़ा ऑपरेशन
Top Naxal Leaders Encounter: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के सीमावर्ती जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। लाल आतंक के गढ़ में घुसकर पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर एक ऐसा जाल बिछाया, जिसमें 50 से ज्यादा नक्सली फंस गए। मंगलवार से चल रहे इस भीषण ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को मार गिराया है, जिसमें टॉप कमांडर देवजी और टेक्निकल एक्सपर्ट शंकर जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की सूझबूझ और सटीक रणनीति का परिणाम है।
यह मुठभेड़ बुधवार सुबह मारेडुमिल्ली और जीएम वालसा के घने जंगलों में हुई। पुलिस को खबर मिली थी कि छत्तीसगढ़ में दबाव बढ़ने के बाद नक्सली यहां नए ठिकाने बना रहे हैं। इसी सूचना पर ग्रेहाउंड्स और अन्य एजेंसियों ने घेराबंदी की। राज्य के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने पुष्टि की है कि मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी हैं। मौके से 45 हथियार, सैकड़ों कारतूस और बम बनाने का सामान बरामद हुआ है जो इनकी किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
इस ऑपरेशन में सबसे बड़ी कामयाबी मेटुरी जोगा राव उर्फ ‘टेक शंकर’ का मारा जाना है। वह एओबी जोन में टेक्निकल एक्सपर्ट था और बारूदी सुरंगें बिछाने में माहिर था। खबरों के मुताबिक नक्सल महासचिव देवजी भी इस मुठभेड़ में ढेर हुआ है। वहीं, गिरफ्तार किए गए 50 नक्सलियों में जगरगुंडा एरिया कमांडर लखमा, मदन्ना उर्फ जग्गु दादा और सोड़ी मनीला जैसे खूंखार नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह पहली बार है जब संगठन की सेंट्रल और स्टेट कमेटी के इतने सारे मेंबर एक साथ पकड़े गए हैं, जिससे नक्सलियों का तकनीकी और जमीनी नेटवर्क बुरी तरह ध्वस्त हो गया है।
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छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इस कार्रवाई पर कहा कि सरकार बातचीत और पुनर्वास के लिए तैयार है, लेकिन हिंसा का रास्ता चुनने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नक्सलियों से अपील की है कि वे मुख्यधारा में लौट आएं और सम्मान से जिएं। 17 नवंबर को कुख्यात हिडमा के मारे जाने के बाद मिले इनपुट ने ही इस दूसरे बड़े ऑपरेशन की राह दिखाई थी। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि जंगलों में अभी और भी नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है।






