छत्तीसगढ़ में 5 नक्सली ढेर, सुरक्षाबलों ने हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद किए जब्त

Naxal Operation In Chhattisgarh : सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन कगार के तहत 5 नक्सलियों को ढेर किया है। सुरक्षाबलों के अनुसार नक्सलियों की पहचान के लिए जांच शुरू की गई है। भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है।
5 Naxalites killed, huge cache of arms and ammunition seized in Chhattisgarh
जंगल में मौजूद सुरक्षाबल और नक्सली।
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Naxal Encounter In Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे भीषण प्रहार शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन से पहले सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन कगार और ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट 2.0 के जरिए माओवादियों के अभेद्य किलों को भेदना शुरू कर दिया है।

गुरुवार को कर्रेगुट्टा के जंगलों में हुई एक बड़ी मुठभेड़ में संयुक्त सुरक्षाबलों ने 5 नक्सलियों को ढेर कर दिया। खुफिया जानकारी मिली थी कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों का एक बड़ा जत्था छिपा हुआ है।

नक्सलियों ने शुरू की थी अंधाधुंध फायरिंग

इसके बाद CRPF, कोबरा कमांडो, DRG और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों ने सटीक कार्रवाई करते हुए पांच वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।

2000 जवानों का चक्रव्यूह

इस सफलता के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट 2.0 लॉन्च कर दिया है। यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन माना जा रहा है। इसमें 2000 से अधिक जवान शामिल हैं। सुरक्षाबलों का मुख्य लक्ष्य उन 300 नक्सलियों को घेरना है, जो कर्रेगुट्टा की दुर्गम पहाड़ियों में छिपे हैं।

ऑपरेशन के मुख्य बिंदु:

टारगेट : 4 शीर्ष नक्सली कमांडर और उनका दस्ता।

रणनीति : 'सरेंडर करो या खत्म हो जाओ' की सख्त चेतावनी।

घेराबंदी : पूरे इलाके को सैनिटाइज कर बाहरी संपर्क काट दिया गया है।

शाह की समीक्षा के बाद आर-पार की जंग

हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर का दौरा कर नक्सल विरोधी अभियानों की गहन समीक्षा की थी। इस बैठक के बाद ही रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए ब्लैक फॉरेस्ट 2.0 जैसे आक्रामक अभियान को हरी झंडी दी गई। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है। अगले कुछ महीनों में बस्तर और सीमावर्ती इलाकों से लाल आतंक का नामोनिशान मिटाना। अमित शाह ने इसी हफ्ते दिल्ली में पुलिस स्थापना दिवस समारोह में भी पूरे देश को नक्सल मुक्त करने की बात दोहराई थी।

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