AISA Leader Neha Statement: यह किसी एक का आंदोलन नहीं... 23 दिन की भूख हड़ताल के बाद नेहा ने बताई पूरी कहानी

Jantar Mantar Student Protest: आइसा नेता नेहा ने 23 दिन की भूख हड़ताल, छात्र आंदोलन, राहुल गांधी के समर्थन और छात्रों की प्रमुख मांगों पर विशेष बातचीत में अपनी बात रखी।
'This isn't just one person's movement'... Neha shares the full story after a 23-day hunger strike.
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AISA Leader Neha Statement: जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल का नेतृत्व करने वाली आइसा की लीडर नेहा ने एक विशेष बातचीत में छात्र आंदोलन, उसकी प्रमुख मांगों और आंदोलन के दौरान सामने आई चुनौतियों पर विस्तार रूप से अपनी बात मीडिया के सामने रखी है। उन्होंने यह बताया कि यह आंदोलन केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देशभर के उन सभी छात्रों की आवाज है जो की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी तंत्र से पेपर के लीक होने के मामले पर जवाब मांग रहे हैं।

जानिए नेहा ने मीडिया से क्या कहा

नेहा ने मीडिया को यह भी बताया है कि इस शांतिपूर्ण विरोध आंदोलन के दौरान विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन छात्रों के लिए काफी प्रेरणादायक साबित रहा है। जबकि उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत और कई अन्य विपक्षी नेताओं के आंदोलन स्थल पर पहुंचने से छात्रों का मनोबल बढ़ा और उन्हें यह भरोसा मिला कि उनकी आवाज देशभर में सुनी जा रही है।

आंदोलन की प्रमुख मांगें

मिली जानकारी के अनुसार, नेहा का कहना यह है कि प्रदर्शन कर रहे सभी छात्र अपनी मांगों पर अभी भी कायम हैं। उन्होंने आगे बताया कि छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल है। उन्होंने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि इन सभी छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय आप उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहे है।

23 दिन की भूख हड़ताल रही चुनौतीपूर्ण

नेहा ने बताया कि 23 दिनों तक लगातार भूख हड़ताल करना शारीरिक और मानसिक दोनो रूप से बहुत कठिन रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस अनशन के दौरान सोशल मीडिया पर आंदोलन को लेकर दुष्प्रचार किया गया और पुलिस की ओर से सूचनाओं के प्रसार में भी बाधाएं उत्पन्न की गई। इसके बावजूद भी आंदोलनकारी अपनी मांगों पर डटे हुए है।

यह किसी एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं है- आइसा की लीडर नेहा

जंतर मंतर आंदोलन के मार्गदर्शन को लेकर पूछे गए सवालों पर नेहा ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक व्यक्ति का नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि जो भी लोग छात्र और सामाजिक संगठन छात्रों की आवाज को बुलंद कर रहे हैं, वे सभी इस आंदोलन का हिस्सा हैं।

उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह सामूहिक संघर्ष है, जिसमें हजारों की तादार में छात्र अपनी भागीदारी को बहुत प्रेमपूर्वक और निष्ठा से निभा रहे हैं। हम सब बहुत खुश है, ऐसा लग रहा है कि मानों हमारा 23 दिन का अनशन कामयाब हो गया है।

'अब यह भविष्य का हिसाब मांगने का आंदोलन'

नेहा का कहना है कि इन छात्रों का गुस्सा केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। बल्कि अब यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था की खामियों, छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और व्यवस्था की जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि छात्र अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जवाब मांग रहे हैं,कि आखिर कब तक ये पेपर लीक मसला यू हीं जारी रहेगा। इसी उद्देश्य से छात्रों का आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।

पीछे हटने का कोई सवाल नहीं

नेहा ने मीडिया से चल रही बातचीत के अंत में कहा कि यह आंदोलन उन छात्रों की आवाज है जो लंबे समय से व्यवस्था की चुप्पी और अनदेखी से निराश हैं। उन्होंने दावा किया कि जब तक छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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