NEET विवाद: बांसुरी स्वराज बोलीं- अराजकता का औजार नहीं, राष्ट्र निर्माता है देश का युवा

Bansuri Swaraj On Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज का हमला। कहा- विपक्ष ने छात्रों का इस्तेमाल किया। पीएम मोदी के लिए युवाओं का हित सर्वोपरि, पेपर लीक पर हुई कड़ी कार्रवाई।
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बांसुरी स्वराज (सोर्स-IANS)
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Bansuri Swaraj Press Conference NEET: भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने बुधवार का भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में जंतर-मंतर पर युवाओं के विरोध प्रदर्शन और नीट पेपर लीक सहित अन्य मुद्दों पर बात की। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को विपक्ष की साजिश बताया।

छात्रों के हितों को बताया सरकार की प्राथमिकता

बांसुरी स्वाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे नेता हैं, जो इस देश के युवा को राष्ट्र का निर्माता मानते हैं। युवाओं के नेतृत्व में विकास का मूलमंत्र उन्होंने विकसित भारत की नींव को सुदृढ़ करने के लिए रखा है। इसका अर्थ है युवाओं के नेतृत्व में राष्ट्र का सशक्तिकरण। प्रधानमंत्री और मोदी सरकार विद्यार्थियों के हितों सर्वोपरि मानती है। हमारे लिए सबसे पहली प्राथमिकता है कि बच्चों के भविष्य की रक्षा हो।

सांसद ने कहा, "मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि पीएम मोदी और केंद्र सरकार छात्रों के हितों को प्राथमिकता देती है। जब 11 मई को यह पता चला कि पेपर लीक हो गया है, तो मोदी सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। शिक्षा मंत्रालय ने एफआईआर दर्ज कराई और जांच सीबीआई को सौंप दी। 13 आरोपी अभी भी जेल में हैं।"

नीट री-एक्जाम का किया बचाव

बांसुरी स्वराज ने कहा कि नीट की पुनर्परीक्षा महज 37 दिनों में संपन्न हुई और परिणाम मात्र 25 दिनों में घोषित कर दिए गए। कमियों को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी का भरपूर उपयोग किया गया। परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं। मोदी सरकार ने बहुत ही जिम्मेदाराना रवैया निभाते हुए कोर्ट से ये भी प्रार्थना की है कि इसका ट्रायल दैनिक के आधार पर पर हो और आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा हो, ताकि छात्रों को न्याय मिल पाए।

सांसद ने कहा कि यह झूठा आरोप लगाया जा रहा है कि पूरी शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। हम नीट परीक्षा के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा की ओर बढ़ रहे हैं और एआई तथा उन्नत निगरानी प्रणाली के माध्यम से प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा रहा है। सरकार तत्काल कार्रवाई कर रही है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने तीन परीक्षाएं सफलतापूर्वक और सुचारू रूप से संपन्न की हैं।

पिछले 3 महीने में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 3 राष्ट्रीय स्तर की की परीक्षाएं कराई हैं। जेईई, सीयूईटी और नीट की दोबारा परीक्षा हुई। इसलिए ये कहना कि भारत में एजुकेशन सिस्टम खास तौर से परीक्षा प्रणाली ध्वस्त हो गया है, ये सरासर झूठ है, असत्य है। ये एक भ्रम है, जो फैलाने की कोशिश की जा रही है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर विपक्ष पर साधा निशाना

बांसुरी स्वराज ने कहा कि कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) और बाकी दलों ने जो आंदोलन शुरू किया, कहा गया कि यह एक छात्र आंदोलन है। सरकार का रवैया इस आंदोलन के प्रति संवेदनशील रहा। जब दीपके 6 जून को अमेरिका से लौटे तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हवाई अड्डे पर ही आंदोलन की इजाजत दे दी थी। वह इजाजत शाम 5 बजे तक के लिए थी लेकिन ये प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। उन्होंने जंतर-मंतर पर 21 दिनों तक धरना दिया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार ने अपनी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती और जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, तब तक उसे चलने दिया।

संसद घेराव और बातचीत पर सरकार का पक्ष

सांसद ने कहा कि 20 जुलाई को संसद को घेरने का प्रयास किया गया। यह अराजकता का संकेत है। बिना अनुमति के संसद को घेरने का प्रयास किए जाने के बावजूद सरकार बातचीत के लिए तत्पर रही।

6 जून से 20 जुलाई तक उनकी ओर से बातचीत के लिए कोई अनुरोध या संदेश नहीं भेजा गया। हालांकि, जैसे ही उन्होंने संदेश भेजा, सरकार ने तुरंत उन्हें जेपी नड्डा से मिलने और चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इस देश के बच्चों को और छात्रों को ये कहना चाहूंगी कि आप बहुत समझदार हैं, सत्य आपसे छुपा नहीं रहेगा। मेरे देश का युवा अराजकता का औजार नहीं है बल्कि युवा भारत का राष्ट्र निर्माता है।

राहुल गांधी और विपक्ष पर लगाए राजनीतिकरण के आरोप

बांसुरी स्वराज ने कहा, "हैरानी की बात यह है कि एक तरफ तो यह दावा किया जा रहा है कि यह छात्रों का आंदोलन है, लेकिन आप साफ देख सकते हैं कि इसका राजनीतिकरण कैसे किया जा रहा है। विपक्षी पार्टियां अपने राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं और वे खुद एकजुट नहीं हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी जंतर-मंतर के बजाय प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठे थे। हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री आवास एक हाई-सिक्योरिटी जोन है। राहुल गांधी को खुद यह पता होना चाहिए। आखिरकार, उन्होंने अपने बचपन का कुछ समय प्रधानमंत्री आवास में बिताया है, इसलिए वे इन बातों से अनजान नहीं हो सकते।"

-IANS ऐजेंसी इनपुट

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