
मोहन भागवत ने बताया लव जिहाद रोकने का उपाय तो भड़के ओवैसी, कहा- संसद में आंकड़े क्यों नहीं पेश करते?
Asaduddin Owaisi on Mohan Bhagwat: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अक्सर संघ और बीजेपी पर सवाल उठाते रहे हैं। इस बार उन्होंने सीधे संघ से सवाल करते हुए एक मांग भी रखी है। ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी को लव जिहाद से जुड़ा डेटा और इसकी स्पष्ट परिभाषा सामने रखने की चुनौती दी है। उन्होंने पूछा कि अगर लव जिहाद जैसी कोई चीज़ हो रही है, तो इसके आंकड़े संसद में क्यों नहीं पेश किए जाते।
ओवैसी ने संघ और बीजेपी से पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवा अपनी पसंद से फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं और यह कानूनन मान्य है। ओवैसी का यह बयान मोहन भागवत के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने लव जिहाद रोकने के लिए पारिवारिक संवाद पर ज़ोर दिया था।
ओवैसी ने कहा कि अगर देश में लव जिहाद हो रहा है, तो इसके आंकड़े संसद में क्यों नहीं रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी लव जिहाद को लेकर लगातार दावे कर रही है और कई राज्यों में इसके खिलाफ कानून भी बनाए गए हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि सबसे पहले लव जिहाद की स्पष्ट परिभाषा तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “जिन-जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां की घटनाओं का रिकॉर्ड सामने लाया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर लव जिहाद हो रहा है तो संसद में इसका डेटा क्यों नहीं दिया जाता? हमें पिछले 11 सालों का पूरा रिकॉर्ड चाहिए। बीजेपी और मोहन भागवत को पहले यह बताना चाहिए कि लव जिहाद आखिर है क्या।”
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 19 से 21 साल की उम्र के युवा अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं। यह उनकी पसंद या नापसंद का सवाल नहीं है, बल्कि कानून उन्हें इसकी अनुमति देता है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब संघ प्रमुख ने लव जिहाद पर रोक लगाने की बात कही है।
यह भी पढ़ें- जेल से बाहर आएंगे उमर खालिद और शरजील इमाम? आज सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा बड़ा फैसला
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में लव जिहाद को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इसे रोकने के लिए परिवारों के स्तर पर काम करने की जरूरत है और महिलाओं को जागरूक किया जाना चाहिए। भागवत ने यह भी कहा था कि कुछ लोग धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से हिंदू महिलाओं से विवाह करते हैं। उन्होंने परिवारों से यह सोचने की अपील की थी कि एक लड़की किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ सकती है, और घरों में संवाद की कमी को भी लव जिहाद का एक बड़ा कारण बताया था।






