अहमदाबाद प्लेन क्रैश: पहले से ही थीं प्‍लेन में दिक्‍कतें, अमेरिकी जांच एजेंसी ने खोली बोईंग की पोल

Air India Plane Crash Investigation: अहमदाबाद में हुए प्‍लेन क्रैश मामले में अमेरिका के FAS ने कैप्‍टन सुमित सभरवाल को क्‍लीन‍ चिट दी है. साथ ही, हादसे का शिकार हुए प्‍लेन को गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
Ahmedabad plane crash: The plane already had problems; the American investigation agency exposed Boeing's flaws
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: पहले से ही थीं प्‍लेन में दिक्‍कतें, अमेरिकी जांच एजेंसी ने खोली बोईंग की पोल
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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद। 12 जून 2025 को क्रैश हुए एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान में पहले से ही कई गंभीर तकनीकी समस्याएं थीं। चार साल पहले विमान में आग लगने की घटना भी दर्ज की गई थी। अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए थे, जो संभवतः हादसे की वजह बने।

टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद यह विमान अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में गिर गया था। इस हादसे में 270 लोग मारे गए, जिनमें 60 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। केवल एक यात्री जीवित बचा।

विमान में 2014 से खराबी

FAS के मुताबिक, यह बोइंग 787 विमान 2014 से उड़ानों में इस्तेमाल हो रहा था। व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के आधार पर संगठन ने दावा किया कि शुरुआत से ही तकनीकी और सिस्टम से जुड़ी बार-बार समस्याएं सामने आती रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 2022 में उड़ान के दौरान विमान में आग लगी थी, जिससे अंदरूनी सिस्टम को नुकसान पहुंचने की संभावना है। FAS ने यह भी बताया कि इन घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।

इलेक्ट्रिकल फेलियर और सिस्टम बंद होना

FAS का मुख्य दावा है कि हादसे की जड़ इलेक्ट्रिकल फेलियर हो सकता है। संगठन ने कहा कि आधुनिक विमानों में ज्यादातर सिस्टम बिजली और सॉफ्टवेयर पर निर्भर होते हैं। बिजली सप्लाई में खराबी आने पर कई सिस्टम एक साथ बंद हो सकते हैं। वर्तमान में, विमान की तकनीकी हालत और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सिस्टम किस क्रम में फेल हुए।

दूसरे देशों में भी शिकायतें

FAS ने बताया कि यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में उड़ रहे बोइंग 787 विमानों में करीब 2,000 फेलियर की शिकायतें दर्ज की गई हैं। यह पूरी 787 फ्लीट के लिए सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है।

बता दें कि अहमदाबाद हादसे और क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने के चलते एअर इंडिया को चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा होने का अनुमान है। पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद करने से यूरोप और अमेरिका की उड़ानों का खर्च भी बढ़ गया।

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