World Health Day 2026: सुबह 5 मिनट ये योगासन करेगा पेट की हर समस्या दूर, अपने रूटीन में जरूर करें शामिल
Pawanmuktasana Benefits: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज और अपच आम हो गई हैं। ऐसे में रोज सुबह एक योगासन करने से पाचन तंत्र बेहतर हो सकता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
सुबह योग करते हुए व्यक्ति (सौ. एआई)
World Health Day: हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें सेहत के प्रति जागरुक करने का संदेश देता है। ऐसे में आप अपने रूटीन में एक योगासन शामिल कर सकते हैं जो पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकता है। इसे रोजाना सिर्फ 5 मिनट करने से आप शरीर में कमाल के बदलाव देख सकते हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान ने पाचन तंत्र को कमजोर कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम Stand with Science के तहत विशेषज्ञ अब पवनमुक्तासन को पेट की समस्याओं के लिए सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक समाधान मान रहे हैं।
पवनमुक्तासन
संस्कृत में पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। जैसा कि नाम से स्पष्ट है यह आसन शरीर के भीतर फंसी हानिकारक गैसों को बाहर निकालने में मदद करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो जब हम घुटनों को छाती की ओर दबाते हैं तो यह पेट के आंतरिक अंगों पर एक कोमल दबाव बनाता है। यह दबाव एब्डोमिनल ऑर्गन्स की मालिश करता है जिससे पाचन अग्नि तीव्र होती है और भोजन का अवशोषण बेहतर होता है।
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गैस, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत
पवनमुक्तासन वात विकारों को दूर करने के लिए रामबाण है। यह न केवल पुरानी कब्ज और एसिडिटी को ठीक करता है बल्कि आंतों की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। जो लोग डेस्क जॉब में लंबे समय तक बैठे रहते हैं उनके लिए यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने में भी सहायक है।
पवनमुक्तासन (सौ. फ्रीपिक)
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वेट लॉस में मददगार
यह आसन केवल पाचन तक सीमित नहीं है। यह पेल्विक क्षेत्र और प्रजनन अंगों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है क्योंकि यह मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में सहायक है। इसके अलावा नियमित अभ्यास से पेट, जांघों और कमर के आसपास जमी जिद्दी चर्बी को कम करने में भी मदद मिलती है।
कैसे करें
इसे करना बेहद सरल है। योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़ें और उसे छाती के पास लाएं। हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर घुटने को पकड़ें। अब सांस छोड़ते हुए सिर उठाएं और नाक को घुटने से छूने की कोशिश करें। यही प्रक्रिया दूसरे पैर और फिर दोनों पैरों के साथ दोहराएं। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक फायदेमंद होता है।
हालांकि यह आसन बहुत सुरक्षित है लेकिन यदि आप उच्च रक्तचाप, हर्निया, स्लिप डिस्क या हाल ही में पेट की सर्जरी से गुजरे हैं,तो इसे करने से बचें। गर्भवती महिलाओं को भी यह आसन नहीं करना चाहिए।
