Monsoon Health Tips: बारिश में तेजी से फैलते हैं फंगल इंफेक्शन, जानिए बचाव के जरूरी उपाय
Monsoon Skin Tips: मानसून में त्वचा संबंधी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ जाती हैं। यह सब फंगल इंफेक्शन के कारण होता है। शरीर पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में स्किन संबंधी कुछ बातों का ध्यान रखें।
- Written By: रीता राय सागर
स्किन इंफेक्शन (फोटो.सोशल मीडिया)
Skin Infection In Monsoon: बरसात के मौसम में वातावरण में काफी ज्यादा नमी बढ़ जाती है और यही कारण है कि त्वचा संबंधी परेशानियां होने लगती है। जैसे कि फंगल इन्फेक्शन होना। यह खासकर उन लोगों को अधिक होता है, जिनकी स्किन ऑयली होती है।
बारिश के मौसम में फंगल संक्रमण और दाद होना काफी आम माना जाता है। जिसमे दाद, खाज, खुजली सामान्य है। इससे बचाव के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। खासकर बरसात में ज्यादा देर गिला नहीं रहना चाहिए। गीले कपड़े पहनकर ज्यादा देर न रहें। नमी होने के कारण फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश में होने वाले स्किन इंफेक्शन
-
दाद
बरसात के मौसम में सबसे आम संक्रमणों में से एक है दाद, जो किसी कीड़े के कारण नहीं होता है। यह तेजी से फैलने वाला फंगल इंफेक्शन है, जो सामान्य फफूंद जैसे परजीवियों के कारण होता है। दाद की समस्या त्वचा की बाहरी परत की सेल्स पर होती है। दाद के कारण त्वचा पर गोल, पपड़ीदार धब्बे बन जाते हैं जिनमें लगातार खुजली होती रहती है और छाले जैसे घाव बन जाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Luxury Wedding Trend: क्या वॉटर बार बनने जा रहा है भारतीय शादियों का अगला बड़ा ट्रेंड?
Sonam Kapoor Fashion: 6 महीने में तैयार हुआ सोनम कपूर का पर्पल केप, वेडिंग फैशन के लिए बना परफेक्ट इंस्पिरेशन
दिनभर स्क्रीन देखते हैं? आंखों को बचाने के लिए अपनाएं आयुर्वेद के ये आसान उपाय
Periods Exercise Tips: पीरियड्स के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 एक्सरसाइज, बढ़ सकती हैं ऐंठन और परेशानी
-
इंटरट्रिगो
इंटरट्रिगो या इंटरट्रिजिनस डर्मेटाइटिस एक सूजन वाली स्थिति है, जो आमतौर पर त्वचा की परतों में बनती है। ज्यादातर गर्मी, नमी और त्वचा में रगड़ से यह समस्या और बढ़ती है। इंटरट्रिगो के लक्षणों में खुजली, जलन, त्वचा की परतों में चुभने वाला दर्द, दुर्गंध, सूजन व छिलकेदार त्वचा दिखाई देते हैं।
-
फफूंद जन्य बीमारी
इसे हर्पीस टॉन्सुरांस संक्रमण के रूप में भी जाना जाता है, टिनिया कैपिटिस आमतौर पर बालों की खोपड़ी पर होता है और डर्माटोफाइट प्रजातियों- माइक्रोस्पोरम और ट्राइकोफाइटन के कारण होता है।
फफूंद जन्य बीमारी में पैची गंजे धब्बे, फ्रिजी बाल, त्वचा के आसपास सूजन होना, मवाद से भरे, खुजलीदार और दर्दनाक घाव व बालों का स्थायी रूप से झड़ना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
-
यीस्ट इंफेक्शन
यीस्ट इंफेक्शन को कैंडिडा के नाम से भी जाना जाता है। यह संक्रमण आमतौर पर नम और खराब हवादार क्षेत्रों में पनपने वाली त्वचा की बाहरी परत पर होता है। यह कूल्हे की परतों पर या स्तनों के नीचे के हिस्से को प्रभावित करता है।
यीस्ट इंफेक्शन में गंभीर दाने, खुजली, दाने के चारों ओर मुंहासे हो सकते हैं।
फंगल इंफेक्शन से बचने के उपाय
- गीले जूते न पहनें।
- कभी भी हेयरब्रश, मोजे, जूते या तौलिया शेयर न करें।
- कॉटन जैसे ब्रीदेबल फैब्रिक से बने मोजे पहनें और हर रोज उसे बदलें।
- अपने बालों को अच्छे से शैम्पू करें और सुखा लें।
- बहुत ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें और त्वचा को सांस लेने दें।
- अपने क्यूटिकल्स को कभी न काटें।
- नहाते समय अपने नाखूनों और नाखूनों के नीचे के हिस्से को अच्छी तरह साफ करें।
- केवल हाथ नहीं पैरों का भी ख्याल रखें।
