सिर्फ 5 मिनट ओम बोलने से दिमाग पर पड़ता है गहरा असर! जानें इसके पीछे का विज्ञान जो बदल देगा सोचने की शक्ति

Om Chanting Benefits: ॐ का उच्चारण सिर्फ एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं बल्कि इसका सीधा असर दिमाग और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। रिसर्च के अनुसार रोजाना कुछ मिनट ॐ का जाप करने से दिमाग शांत होता है।
Om Chanting Benefits For Brain And Mental Health
ओम का जाप करते हुए तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
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Om Chanting: सनातन धर्म में ओम (ॐ) को केवल एक शब्द नहीं बल्कि ब्रह्मांड की मूल ध्वनि माना गया है। प्राचीन ग्रंथों में इसे प्रणव या ओंकार कहा गया है जिसमें सृष्टि का सार समाया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधुनिक विज्ञान भी अब ओम की शक्ति को स्वीकार कर रहा है। हालिया शोधों से पता चला है कि ॐ का उच्चारण शरीर के सातों चक्रों को सक्रिय करने के साथ-साथ हमारे मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को भी पुनर्जीवित करने की क्षमता रखता है।

कैसे काम करता है ओम

ओम का उच्चारण मुख्य रूप से तीन ध्वनियों अ, उ और म के मेल से बना है। जब हम इसका गहरा और लंबा उच्चारण करते हैं तो शरीर में एक विशिष्ट प्रकार का कंपन पैदा होता है। यह कंपन हमारे तंत्रिका तंत्र के माध्यम से प्रवाहित होता है। विज्ञान कहता है कि यह ध्वनि कंपन मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को उत्तेजित करता है जिससे मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और एकाग्रता में सुधार होता है।

सातों चक्रों का सक्रिय होना

मानव शरीर में ऊर्जा के सात मुख्य केंद्र होते हैं जिन्हें चक्र कहा जाता है।

रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से से लेकर सिर के शीर्ष तक फैले ये चक्र शरीर के विभिन्न अंगों और भावनाओं को नियंत्रित करते हैं।

जब हम ॐ का जाप करते हैं तो इससे उत्पन्न होने वाली तरंगें इन चक्रों को हिट करती हैं। इससे चक्रों में जमा नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और शरीर में प्राण शक्ति का संचार बढ़ता है।

क्या कहता है वैज्ञानिकों का शोध

अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर में ओम के जाप के प्रभावों का बारीकी से अध्ययन किया गया। इस शोध में पाया गया कि मात्र 5 मिनट के नियमित जाप से ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह तंत्र हमारे दिल की धड़कन और श्वसन प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। शोध के दौरान प्रतिभागियों के तनाव स्तर में भारी गिरावट और मानसिक संतुलन में सुधार दर्ज किया गया।

वेगस नर्व और हृदय स्वास्थ्य

ओम का जाप वेगस नर्व को उत्तेजित करता है। यह शरीर की सबसे लंबी नर्व है जो हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को आपस में जोड़ती है। जब यह नर्व सक्रिय होती है तो हृदय गति स्थिर होती है फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर फाइट या फ्लाइट मोड से बाहर निकलकर गहरे विश्राम की अवस्था में चला जाता है।

अभ्यास का सही तरीका

ओम का अधिकतम लाभ लेने के लिए सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करें। एक शांत स्थान पर बैठकर गहरी सांस लें और ओ को लंबा खींचते हुए अंत में म की गूंज पर समाप्त करें। जितना गहरा और धीमा आपका उच्चारण होगा न्यूरॉन्स और चक्रों पर इसका प्रभाव उतना ही गहरा होगा।

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