क्या सिर्फ आयोडीन युक्त नमक ही थायराइड का है तोड़, जानिए इन मिथकों और उपाय के बारे में
Iodine And Thyroid: थायराइड से बचाव के लिए सिर्फ आयोडीन काफी है? थायराइड से जुड़े मिथक, सेलेनियम-जिंक की भूमिका और आयुर्वेदिक उपाय, विशेषज्ञों की राय के साथ जानिए थायराइड को नियंत्रण करने के तरीके।
- Written By: दीपिका पाल
थायराइड का इलाज (सौ.सोशल मीडिया)
Iodine For Thyroid: आजकल बदलती जीवनशैली के साथ सेहत का सही तरीके से ख्याल नहीं रख पा रहे है। इस वजह से छोटी से बड़ी बीमारियां लोगों को परेशान कर रही है। कम उम्र ही आज कई लोग थायराइड और शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित है। इसके लिए खानपान से लेकर कई कारण शामिल है जो बीमारी को बढ़ावा देते है। युवाओं से लेकर बच्चों तक में थायराइड और शुगर के लक्षण देखे जा रहे हैं, लेकिन आज हम थायराइड से जुड़े मिथकों के बारे में जानेंगे।
सिर्फ आयोडीन ही नहीं थायराइड से बचने का इलाज
यहां पर सालों से बताया गया है कि, अगर थायराइड जैसी बीमारी से बचना है तो, केवल आयोडीन युक्त का सेवन करना ही एकमात्र उपाय है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन आयुर्वेद ने आयोडीन को महत्व दिया है, लेकिन ये भी माना है कि सिर्फ आयोडीन काफी नहीं है। इसके लिए थायराइड से बचने के लिए आयोडीन ही नहीं थायराइड ग्रंथि के लिए सेलेनियम और जिंक भी जरूरी हैं। इन दोनों के बिना थायराइड ग्रंथि को सही तरीके से काम करने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गले में हो सकता है संक्रमण
आयुर्वेद में थायराइड ग्रंथि के रोग को कफ और मेद धातु दूषित से जोड़कर देखा गया है, जिसमें गले में कई विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो लंबे समय तक रहने पर गले में संक्रमण और बीमारी का कारण बनते हैं। इससे गले में सूजन होने लगती है, निगलने में परेशानी होती है और तेज बोलने में भी दिक्कत होने लगती है। इसलिए कहते है कि, थायराइड के लिए आयोडीन ही नहीं सेलेनियम और जिंक दोनों बहुत जरूरी हैं, क्योंकि ये टी-3 और टी-4 को सक्रिय तरीके से काम करने में मदद करते हैं।
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आयोडीन और सेलेनियम दोनों का सेवन जरूरी
थायराइड को लेकर कहा गया है कि, थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से दो हार्मोन टी-3 और टी-4 (निष्क्रिय) बनाती है। सेलेनियम निष्क्रिय T4 को सक्रिय T3 में बदलने में मदद करता है और सक्रिय बनाता है। अगर शरीर में आयोडीन और सेलेनियम दोनों हैं, तो शरीर हार्मोन का उत्पाद और उपयोग दोनों ही सही तरीके से कर पाएगा। शरीर में सेलेनियम के साथ जिंक भी होना जरूरी है। जिंक रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है, जिससे कोशिकाएं थायराइड हॉर्मोन को पहचान कर उन्हें ग्रहण कर सकें।
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जानिए आसान उपाय
आयुर्वेद में थायराइड रोग से बचने के उपाय के बारे में बताया गया है यह घरेलू उपाय होते है। जैसे मेथी का पानी पीना, हरा धनिया का सेवन करना और कद्दू के बीज को आहार में शामिल करना। कद्दू के बीज में जिंक और सेलेनियम दोनों पाए जाते हैं। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से सेहत को फायदा मिलता है।
आईएएनएस के अनुसार
