Blood Flow During Periods: पीरियड्स में कम ब्लीडिंग के पीछे क्या है वजह? इन देशी नुस्खों से मिलेगी राहत
Menstrual Bleeding: पीरियड्स के दौरान महिलाओं को बहुत ज्यादा या कम ब्लीडिंग की समस्या होती है। हम आपको कुछ नेचुरल तरीके बता रहे हैं, जिसे आप पीरियड्स के दौरान आजमा सकती हैं।
- Written By: रीता राय सागर
पीरियड्स (फोटो. सोशल मीडिया)
Menstrual Bleeding In Hindi: महिलाओं में Menstruation एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो हर महीने हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। आमतौर पर पीरियड्स 3 से 7 दिनों तक चलते हैं और इस दौरान सामान्य ब्लीडिंग होती है। लेकिन कई महिलाओं को पीरियड्स में खुलकर ब्लीडिंग नहीं होती या बहुत कम ब्लीडिंग होने की समस्या होती है।
कपीरियड्स के दौरान फ्लो कम होने को मेडिकल भाषा में हाइपोमेनोरिया (Hypomenorrhea) कहा जाता है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे हार्मोनल असंतुलन, तनाव, पोषण की कमी या जीवनशैली में बदलाव। माहवारी के दौरान एंडोमेट्रियल यानि गर्भाशय अस्तर निकल जाता है। इसी वजह से हैवी ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है। हालांकि कई बार यह समस्या गंभीर नहीं होती, लेकिन अगर लंबे समय तक ऐसा होता है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग के कारण
- आयरन की कमी
- सर्वाइकल पॉलिप
- ल्यूपस
- हार्मोन में होने वाला बदलाव
- फाइब्रायड
- रसौली
पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कारण
- कम उम्र में पीरियड्स का शुरू होना।
- हार्मोन असंतुलन।
- बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल।
- डिप्रो प्रोवेरा इंजेक्शन।
- एंडोमिट्रिओसिस।
- पीएमओएस (PMOS)
इन उपायों की ले सकते हैं मदद
जब शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल कम-ज्यादा होने लगता है, तो उसकी वजह से पीरियड्स और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर होता है। इन हार्मोन्स का इंबैलैंस पीरियड फ्लो और साइकिल पर असर डालता है। यहां तक कि कई लड़कियों को पीरियड में ब्लड बहुत ज्यादा या बहुत कम आने लगता है।
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ऐसा होने पर आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने चाहिए। एक्सपर्ट की बताई ड्रिंक हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद करती है। इससे इंफ्लेमेशन कम होने लगता है और पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन को बूस्ट करती है और इससे हार्मोन्स भी मैनेज होते हैं।
ये ड्रिंक है असरदार
- जीरा डाइजेशन को सुधारता है और इससे ब्लोटिंग कम होती है। इससे साइकिल के दौरान आपको हल्का महसूस होता है और पाचन भी बेहतर होता है। यह क्रैम्प्स को कम कर सकता है।
- अजवाइन शरीर को गर्म रखती है और इससे पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है।
- अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। इससे शरीर को गर्माहट मिलती है और दर्द कम होता है। इससे सर्कुलेशन में सुधार होता है।
- केसर के धागे मूड को सुधारने का काम करते हैं। इससे हार्मोन्स बैलेंस होते हैं।
- गुड़ में कई नेचुरल मिनरल्स होते हैं और यह पीरियड्स के दिनों में शरीर को ताकत देता है।
चाय बनाने की विधि
- 1 पैन में लगभग 2 कप पानी डालें।
- इसमें 1 टीस्पून जीरा और 1 टीस्पून अजवाइन डालें।
- अब इसमें अदरक का एक छोटा टुकड़ा घिसकर डालें।
- इसमें केसर के कुछ धागे डालें।
- इसमें 1 टीस्पून गुड़ मिलाएं।
इसे छान लें। इसे आप दिन में 1 बार पी सकती हैं।
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इसके अलावा निम्न चीजें भी हैं असरदार
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सौंफ का पानी
पीरियड्स के ब्लड फ्लो को नॉर्मल करने में सौंफ का पानी बहुत फायदेमंद होता है। सौंफ का फाइबर और अन्य पोषक तत्व हार्मोन को संतुलित करने में मदद करते हैं। इससे पीरियड्स का फ्लो भी मैनेज रहता है।
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गुड़ और तिल
कई बार पीरियड्स में ब्लीडिंग का फ्लो कम होने के पीछे शरीर में खून की कमी भी होती है। खून की कमी को पूरा करने में गुड़ और तिल खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। गुड़ और तिल खाने से शरीर में आयरन की कमी पूरी होती है और यह पीरियड्स के ब्लड फ्लो को मैनेज करता है। इसे लड्डू की तरह भी अपने डाइट में शामिल किया जा सकता है।
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दालचीनी
दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। दालचीनी शरीर में ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। पीरियड्स में फ्लो कम होने पर दालचीनी का सेवन करना फायदेमंद होता है। एक कप गर्म पानी में थोड़ा दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से पीरियड्स का फ्लो नॉर्मल करने में मदद मिलती है।
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धनिया
धनिया महिलाओं में Periods संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत मददगार है। अगर पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग (Bleeding) नॉर्मल से ज्यादा हो, तो आधा लीटर पानी में लगभग 6 ग्राम धनिया के बीज डालकर उबालें और इसमें शक्कर मिला लें। पीरियड्स के दौरान इस काढ़े का सेवन हैवी ब्लीडिंग को रोकने के सबसे अच्छे घरेलू उपायों में से एक है।
