चना खाने का सही तरीका जानते हैं आप? भुना, भीगा या पका हुआ; जानें किसमें छिपा है ज्यादा पोषण
Chickpeas Benefits: चना सेहत के लिए बेहद पौष्टिक माना जाता है और इसे अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है, जैसे भुना हुआ, भीगा हुआ या पकाकर। हर तरीके से चना खाने के अपने-अपने फायदे हो सकते हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
कटोरी में रखे भुने, भीगे और उबले चने (सौ. एआई)
Chickpeas Health Benefits: शरीर के बेहतर संचालन और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन सबसे अनिवार्य पोषक तत्व है। यह न केवल कोशिकाओं की मरम्मत करता है बल्कि शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करता है। आज के दौर में जहां युवा प्रोटीन के लिए महंगे सप्लीमेंट और पाउडर पर निर्भर हैं वहीं हमारे किचन में मौजूद चना प्रोटीन का एक बेहद सस्ता और शक्तिशाली विकल्प है।
आयुर्वेद में चने को केवल एक आहार नहीं बल्कि औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। हालांकि अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चना किस रूप में खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद है भुना हुआ, भीगा हुआ या फिर पका हुआ? आइए विस्तार से जानते हैं इसके अलग-अलग लाभ।
भुना हुआ चना
यदि आप वजन कम करना चाहते हैं, तो भुना हुआ चना आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें कैलोरी कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने, डायबिटीज को नियंत्रित करने और हृदय रोगों के जोखिम को घटाने में भी सहायक है। आयुर्वेद के अनुसार, इसका सेवन सुबह या दोपहर के समय करना सबसे लाभकारी होता है।
सम्बंधित ख़बरें
Kalonji Benefits: क्या आप जानते हैं? कलौंजी खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 गजब के फायदे
Healthy Eating Mistakes: जरूरत से ज्यादा हेल्दी फूड खाना भी पड़ सकता है भारी, बढ़ सकता है वजन
Natural Eyebrow Growth: बार-बार थ्रेडिंग से पतली हो गई हैं आइब्रो? आर्गन ऑयल से करें देखभाल
Infertility Problem: भारत में 23% पुरुष हैं बांझपन की समस्या से परेशान, ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार
भीगा और पका हुआ चना
काले चने को रातभर भिगोकर सुबह उबालकर खाना ऊर्जा का पावरहाउस माना जाता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो शारीरिक मेहनत या जिम में पसीना बहाते हैं। पका हुआ चना शरीर में ताकत भरता है और वजन बढ़ाने (Muscle gain) में भी मदद करता है। यदि आप इसे थोड़े से देसी घी के साथ छौंक लगाकर खाते हैं, तो यह शरीर के ‘वात दोष’ को संतुलित करता है और चने के प्राकृतिक रूखेपन को कम करता है। इसे नाश्ते या शाम के स्नैक्स के तौर पर लिया जा सकता है।
यह भी पढ़ें:- बच्चा हर वक्त रहता है गुमसुम? आज ही पूछें ये 5 सवाल, मन की बात जानने के लिए आजमाएं ये स्मार्ट पेरेंटिंग टिप
कटोरी में रखे भुने, भीगे और उबले चने (सौ. एआई)
चने का सत्तू
तीसरे नंबर पर आता है चने का सत्तू। विशेषकर गर्मियों के मौसम में सत्तू का सेवन शरीर को अंदरूनी ठंडक प्रदान करता है। यह प्रोटीन का सबसे सुपाच्य रूप है जो थकान मिटाने और आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद माना जाता है। पेट की गर्मी शांत करने के लिए चने का सत्तू एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है।
चने के अनगिनत फायदे हैं लेकिन आयुर्वेद के अनुसार जिन लोगों के शरीर में वात दोष (Gas या जोड़ों का दर्द) अधिक रहता है उन्हें चने का सेवन सावधानी से करना चाहिए। चने का सही लाभ तभी मिलता है जब इसे सही मात्रा और सही समय पर खाया जाए।
