
सजा नहीं दवा है उपवास (सौ. सोशल मीडिया)
Fasting And Cell Renewal: अच्छी सेहत के लिए खानपान सही रखना बेहद जरूरी होता है। जहां पर खाने में चीजें सही तरीके से ली जाए तो सेहत को फायदा होता है नहीं तो पेट की हालत बिगड़ जाती है। आज की जीवनशैली की वजह से पेट का सही तरीके से ख्याल रख पाना मुश्किल होता जा रहा है। कई लोग पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे भूख न लगना, गैस बनना, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन की समस्या से परेशान हो जाते है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए उपवास करना सही और जरूरी उपाय है।
पेट को सही रखने के लिए उपवास करने के फायदे होते है। यह पेट और पाचन के लिए औषधि यानि दवा के समान होते है। पेट के लिए दवा का असर भले ही कुछ समय के लिए होता है लेकिन उपवास अंदरूनी तौर पर फायदा दिलाता है। जो कोई दवा भी नहीं कर सकती। उपवास पेट की गहराई से सफाई करता है, पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करता है, और खुद को रिपेयर करने का मौका देने की प्रक्रिया है।
आप पेट को सही रखने के लिए 15 दिन में एक बार उपवास कर सकते है। अगर आप उपवास रखने की सोच रहे है या शुरुआत करना चाहते है तो, एकादशी उपयुक्त रहेगी, क्योंकि ये महीने में दो बार पड़ती है। इस उपवास की शुरुआत में आप अगर उपवास रख रहे है तो, फलाहार लें और उतने ही फल खाएं जिससे शरीर को ऊर्जा मिल सके। पेट भरने के लिए फलों का सेवन न करें। इसके अलावा, जितना हो सके, शहद वाला पानी, नारियल पानी, और सादे पानी का सेवन करें। पानी शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा।
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कुछ लोगों को लगता है कि उपवास रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन ऐसा नहीं है। यह सिर्फ हमारे मन का वहम होता है क्योंकि भोजन से शरीर को 30-40 फीसदी ही ऊर्जा मिलती है, बाकी ऊर्जा पानी, हवा, और आराम करने से मिलती है। इसलिए यह सोचना गलत है कि उपवास करने से कमजोरी महसूस होगी। जापान के वैज्ञानिक उपवास पर शोध भी कर चुके हैं।
साल 2018 में हुए शोध के मुताबिक उपवास रखने से शरीर खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और स्वस्थ कोशिकाएं बनाता है। इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है।
आईएएनएस के अनुसार






