
डोपामाइन डिटॉक्स के तरीके जानिए (सौ. सोशल मीडिया)
Dopamine Detox: आजकल हर कोई सोशल मीडिया का आदी होता जा रहा है। दिन के कई घंटों सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर गुजार देते है। इस मोबाइल पर सोशल मीडिया की लत से लोगों पर डोपामाइन का लेवल बढ़ने लगता है। डोपामाइन के अत्यधिक बढ़ने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। डोपामाइन के ज्यादा रिलीज होने या इसके खतरे से बचने के लिए आप उपाय कर सकते है। यहां पर डोपामाइन डिटॉक्स काम करता है इसके कई तरीके होते है इसके बारे में बताया जा रहा है।
अगर आप सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करते है तो डोपामाइन रिलीज होता है। दरअसल एक प्रकार का केमिकल है जो हमारे दिमाग में बढ़ता है और मोटिवेशन और खुशी का संकेत देता है। अगर इस केमिकल डोपामाइन की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है तो अच्छा नहीं होता है। सोशल मीडिया पर रील्स देखने या गेम्स खेलने से व्यक्ति के दिमाग में डोपामाइन रिलीज होता है। यह डोपामाइन लोगों को बार-बार वहीं चीजें देखने के लिए प्रेरित करता है। वहीं पर ज्यादा डोपामाइन रिलीज होने से व्यक्ति के धैर्य की कमी होने लगती है। इसके अलावा मानसिक रूप से कमजोर होने लगता है। साथ ही डोपामाइन की मात्रा जिस व्यक्ति में ज्यादा होती है उसे चिड़चिड़ापन ज्यादा होने लगता है।
अगर आप डोपामाइन डिटॉक्स की समस्या से जूझ रहे है तो इसे कम करने के कई तरीके है जो आप अपना सकते है।
1- डोपामाइन डिटॉक्स को कम करने का पहला तरीका ऐसी एक्टिविटीज पर कंट्रोल करना है जो समस्या को बढ़ाने का काम करती है। अगर आप सोशल मीडिया पर लंबे समय से घंटों तक गेम खेलना, जंक फूड का सेवन, ऐसी चीजें अपना रहे है तो आपको डिटॉक्स करते रहना जरूरी है।
2- अगर आप डोपामाइन डिटॉक्स की समस्या से बचना चाहते है तो, अच्छी एक्टिविटीज पर ध्यान दे सकते है। इस एक्टिविटीज में किताबें पढ़ना, मेडिटेशन, गार्डनिंग जैसी चीजों पर ध्यान दे सकते है। यह भी अच्छा तरीका है।
ये भी पढ़ें- शरीर में हो गई है खून की कमी, तो खाना शुरू कर दें 5 चीजें; सिर्फ 15 दिनों में दिखेगा कमाल
3- सोने के समय सोशल मीडिया से दूरी बना लेना चाहिए। अगर आप पहली बार डोपामाइन डिटॉक्स कर रहे हैं तो दिन की शुरूआत और सोने से 2 से 3 घंटे पहले उन चीजों से दूरी बनाएं। यह डोपामाइन रिलीज करने का काम करता है।






