दही और नमक (सौ. फ्रीपिक)
Curd With Salt: दही को सेहत के लिए अमृत माना जाता है लेकिन इसे खाने का गलत तरीका इसे जहर समान बना सकता है। अधिकांश लोग स्वाद के लिए दही में नमक मिलाते हैं मगर आयुर्वेद इसे विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखता है। यह न केवल दही के पोषण को खत्म करता है बल्कि कई बीमारियों को न्योता भी देता है।
भारतीय थाली में दही का होना स्वास्थ्य और स्वाद दोनों का प्रतीक माना जाता है। गर्मी का मौसम हो या दोपहर का भोजन, दही और रायता हमारी डाइट का अहम हिस्सा हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस दही को आप बड़े चाव से नमक मिलाकर खाते हैं वह आपकी सेहत को फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा रहा है। आयुर्वेद के अनुसार दही में नमक मिलाना उन सबसे बड़ी गलतियों में से एक है जो हम अपनी जीवनशैली में करते हैं।
आयुर्वेद में दही को कफ बढ़ाने वाला और स्वभाव से गर्म माना गया है। वहीं नमक भी पित्त और कफ को बढ़ाता है। जब दही में नमक मिलाया जाता है तो यह शरीर के दोषों को असंतुलित कर देता है। आयुर्वेद के विशेषज्ञों का मानना है कि यह संयोजन विरुद्ध आहार है जो लंबे समय में रक्त और त्वचा से जुड़ी गंभीर बीमारियों जैसे सोरायसिस, एक्जिमा और सफेद दाग (विटिलिगो) का कारण बन सकता है।
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मेडिकल साइंस की दृष्टि से देखें तो दही एक प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ है। इसमें लाखों की संख्या में लैक्टोबैसिलस नामक जीवित बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। लेकिन जैसे ही आप दही में नमक डालते हैं नमक के रासायनिक प्रभाव से ये जीवित और फायदेमंद बैक्टीरिया मर जाते हैं। इस तरह आप दही नहीं बल्कि सिर्फ एक मृत पदार्थ खा रहे होते हैं जिससे शरीर को कोई पोषण नहीं मिलता।
स्वाद सेहत पर भारी नहीं पड़ना चाहिए। यदि आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन को दुरुस्त रखना चाहते हैं तो आज ही दही में सफेद नमक मिलाकर खाने की आदत को बदलें।