

90 Grams Protein Without Eggs Or Meat: शरीर को फिट बनाए रखने के लिए प्रोटीन रिच फूड खाना जरूरी है। मानव शरीर भी प्रोटीन से बना हुआ है। इसलिए अक्सर कहा जाता है कि पर्याप्त प्रोटीन पाने के लिए अंडे या मांस खाना जरूरी है।
लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही प्लानिंग के साथ शुद्ध शाकाहारी खाने वाले लोग भी बिना सप्लीमेंट, अंडे या मांस के रोज़ाना 90 ग्राम प्रोटीन को टारगेट को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रोटीन को एक बार में लेने के बजाय पूरे दिन के भोजन में बंटवारा कर दिया है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, शरीर एक ही समय में बहुत अधिक प्रोटीन लेने की तुलना में दिनभर अलग-अलग मील्स में प्रोटीन मिलने पर बेहतर उपयोग कर पाता है। एक समय के भोजन में कंप्लीट प्रोटीन इनटेक करने से पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। इसलिए 4-5 संतुलित मील्स में प्रोटीन शामिल करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
दूध और दही
दूध, दही और ग्रीक योगर्ट प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नाश्ते या स्नैक में शामिल किया जा सकता है। एक फूल कोर्स मील के साथ एक कटोरी दही लेना खाने को कंप्लीट करता है।
पनीर और टोफू
लो-फैट पनीर और टोफू दोनों ही हाई-प्रोटीन विकल्प हैं। इन्हें सब्जी, सलाद या ग्रिल करके खाया जा सकता है।
सोया चंक्स
सोया चंक्स प्रोटीन से भरपूर होते हैं और इन्हें पुलाव, करी या सलाद में शामिल किया जा सकता है।
दालें और फलियां
मूंग, मसूर, चना, राजमा और छोले जैसे खाद्य पदार्थ रोजमर्रा की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान तरीका हैं।
नट्स और बीज
मूंगफली, बादाम, चिया सीड्स, कद्दू के बीज और अलसी जैसे विकल्प स्नैक के रूप में प्रोटीन और हेल्दी फैट दोनों देते हैं।
नाश्ता: दूध + ग्रीक योगर्ट/दही + बेसन या मूंग चीला
मिड-मॉर्निंग: भुना चना या मूंगफली
दोपहर: दाल + पनीर/टोफू या हरी सब्जी + रोटी
शाम: छाछ या दही + स्प्राउट्स
रात: सोया चंक्स या राजमा/चना + सलाद
इस तरह अलग-अलग स्रोतों से प्रोटीन लेने पर 90 ग्राम का लक्ष्य हासिल करना आसान हो सकता है।
केवल एक ही प्रोटीन सोर्स पर निर्भर न रहें।
अलग-अलग दाल, डेयरी और सोया फूड्स का संयोजन करें।
अगर आप नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं या किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो अपनी जरूरत के अनुसार प्रोटीन की मात्रा तय करने के लिए डाइटिशियन से सलाह लें।