
करेला (सौ. फ्रीपिक)
Bitter Gourd Benefits: करेले का नाम सुनते ही अक्सर लोग मुंह बना लेते हैं लेकिन आयुर्वेद में इसे करवेल्लक यानी रोगों को जड़ से मिटाने वाला रत्न माना गया है। विटामिन ए, बी और सी से भरपूर करेला न केवल शरीर की गंदगी साफ करता है बल्कि यह अग्न्याशय (Pancreas) को सक्रिय कर बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी देता है।
करेले का सेवन शरीर में गंभीर बीमारियों को दूर करने के साथ-साथ स्किन पर भी ग्लो लेकर आता है। इसका सेवन हमें कई समस्याएं से दूर रखता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है।
अगर आप चेहरे पर बार-बार होने वाले कील-मुंहासों और एक्ने से परेशान हैं तो यह रक्त की अशुद्धि का संकेत है। रोजाना सुबह करेले के जूस का सेवन रक्त को प्राकृतिक रूप से साफ करता है। यह न केवल चेहरे पर निखार लाता है बल्कि त्वचा की खुजली और रूखेपन जैसी समस्याओं को भी जड़ से खत्म करता है।
आंतों का डिटॉक्स होना स्वस्थ शरीर के लिए अनिवार्य है। जब मल साफ नहीं होता, तो पेट में हानिकारक बैक्टीरिया और कीड़े पनपने लगते हैं। इससे भूख कम लगना और खाया-पीया शरीर को न लगने जैसी समस्याएं होती हैं। करेले का जूस या सलाद आंतों के कीड़ों को खत्म कर पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है।
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खाने के अलावा करेले का लेप त्वचा पर लगाने के भी अद्भुत फायदे हैं। शरीर पर पुराने घाव या संक्रमण होने पर करेले का लेप लगाने से सूजन कम होती है और घाव तेजी से भरते हैं। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।
स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए करेला किसी दवा से कम नहीं है। यह माताओं में दूध बनाने वाले हार्मोन के उत्पादन को तेज करने में मदद करता है। हालांकि, संवेदनशील अवस्था होने के कारण इसका सेवन हमेशा चिकित्सक की सलाह के बाद ही करना चाहिए।
अगर आप इसके कड़वेपन के कारण इसे नहीं खा पाते तो करेले को काटकर उन पर नमक लगाकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। इससे करेला अपना पानी छोड़ देगा और उसकी कड़वाहट काफी हद तक कम हो जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।






