H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (सौ. डिजाइन फोटो)
H5N1 avian influenza virus: दुनियाभर में कई बीमारियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है जिसमें कई बीमारियां बदलते मौसम के साथ पनपती है तो कई संक्रमण से पीड़ित जीव-जंतु के संपर्क में आने से। इन दिनों बदलते मौसम के साथ H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा यानि बर्ड फ्लू के मामले मिल रहे है। यह पक्षियों से इंसानों को आसानी से संक्रमित कर देता है। दरअसल यह H5N1 वायरस पोल्ट्री जैसे मुर्गियों, बत्तखों और दूसरे जंगली पक्षियों में तेजी से फैलता है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से बर्ड फ्लू का खतरा इंसान को परेशान करता है। चलिए अच्छी तरह जानते है इस H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण और बचाव के बारे में।
H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा यानि बर्ड फ्लू वायरस को लेकर जानकारी देते हुए डॉक्टर विकास मित्तल, पल्मोनोलॉजिस्ट निदेशक (वेलनेस होम क्लिनिक एंड स्लीप सेंटर, पश्चिम विहार और निदेशक, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, सी के बिड़ला अस्पताल, पंजाबी बाग) ने बताया है। इसके अनुसार, H5N1 से संक्रमित व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण होते है। इन लक्षणों में तेज बुखार, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण सबसे ज्यादा होते है जो प्रभावित करते है। इस वायरस का खतरा बढ़ने लगता है तो व्यक्ति को संक्रमण निमोनिया, सांस न ले पाना और यहां तक कि मृत्यु की स्थिति भी बनती है।
आपको बताते चलें, यह खतरनाक वायरस कई कारणों से फैलता है। जहां पर इस वायरस फैलने का मुख्य कारण संक्रमित पक्षियों या फिर उनके मल-मूत्र, पंख या मांस के सीधे संपर्क में आना है। इसके अलावा अधपकी या कच्ची पोल्ट्री और अंडे खाने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही पोल्ट्री फार्म या बाजार में सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से भी नुकसान होता है।
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वैसे तो यह संक्रमण इंसानों में कम नजर आता है यानि इसके मामले अब तक कम पाएं गए है। इस वायरस का असर जब ज्यादा नजर आता है तो, सके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आपको बता दें कि इसकी मृत्यु दर दूसरे फ्लू वायरसों की तुलना में अधिक मानी जाती है। इस वायरस से बचने के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसमें ही वायरस से बचने के लिए पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को अच्छी तरह से पकाकर खाएं और बीमार पक्षियों के संपर्क से बचें और स्वच्छता का ध्यान रखें। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले लोगों को संक्रमण की जांच करनी चाहिए।