रोजाना सुबह इन तीन प्रकार के करें योगासन, शरीर की जकड़न और थकान से मिलेगी राहत
Yogasan for Health: लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठना, रात को पर्याप्त नींद न लेना और अनियमित खान-पान जैसे कारण हमारी सेहत पर असर डालते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए योगासन सबसे बेहतर है
- Written By: दीपिका पाल
स्ट्रेचिंग और जॉइंट मूवमेंट को बेहतर बनाएंगे ये योगासन (सौ.सोशल मीडिया)
Yoga Benefits for Health: आजकल हर किसी की जिंदगी भागदौड़ भरी और चिंताग्रस्त वाली हो गई है। जहां पर 24 घंटे की मशीनी मेहनत के बाद सुबह उठने के बाद शरीर में जकड़न और थकान का अहसास होने लगता है। लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठना, रात को पर्याप्त नींद न लेना और अनियमित खान-पान जैसे कारण हमारी सेहत पर असर डालते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए योगासन सबसे बेहतर होता है।
मानसिक तनाव को दूर करें योगासन
यहां पर बात करें तो, योगासन, हमारी सेहत और शरीर के अच्छा होता है। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक समग्र जीवनशैली है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित बनाए रखती है। योग के नियमित अभ्यास से न केवल मांसपेशियां लचीली और मजबूत होती हैं, बल्कि पाचन, दिल और फेफड़े जैसे अंग भी स्वस्थ रहते हैं। यहां पर यह मानसिक तनाव को दूर करने का काम करता है। यहां पर आयुष मंत्रालय ने बताया कि, योगासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मसल्स स्ट्रेचिंग और जॉइंट मूवमेंट को बेहतर बनाए रखता है।
स्ट्रेचिंग और जॉइंट मूवमेंट को बेहतर बनाएंगे ये योगासन
आप यहां पर स्ट्रेचिंग और जॉइंट मूवमेंट को अच्छी तरह से रखने के लिए बताए जा रहे योगासन बेहतर होता है।
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पर्वतासन:
इस आसन में शरीर को सीधा और स्थिर रखने की प्रक्रिया मांसपेशियों में स्ट्रेचिंग और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाती है। जब हम हाथों को ऊपर की ओर उठाते हैं, तो कंधों और बाजुओं की मांसपेशियां खिंचती हैं। यह खिंचाव रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों में जकड़न को दूर करता है। इस प्रक्रिया से शरीर ऊर्जावान महसूस करता है और दिनभर थकान कम रहती है।
शलभासन:
यह आसन अलग प्रकार से शरीर को लाभ पहुंचाता है। इसमें पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाने की प्रक्रिया रीढ़ और कमर की मांसपेशियों को सक्रिय करती है। जब पैरों को ऊपर उठाया जाता है, तो यह पेट और कमर की मांसपेशियों को मजबूती देता है। इससे रीढ़ की हड्डी भी लचीली बनती है और लंबे समय तक बैठने या काम करने के कारण होने वाली थकान और दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा, यह प्रक्रिया रक्त संचार को बढ़ाती है और हृदय को भी स्वस्थ रखती है।
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नौकासन:
इस आसन में शरीर का संतुलन और शक्ति बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। जब हम हाथों और पैरों को एक साथ ऊपर उठाते हैं और शरीर को छाती से ऊपर उठाते हैं, तो पेट की मांसपेशियों और सीने के आसपास मांसपेशियों में स्ट्रेच होता है। यह प्रक्रिया पाचन तंत्र को सक्रिय करती है और शरीर में ऊर्जा का संचार करती है। नौकासन से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, और लंबे समय तक खड़े रहने या चलने में आसानी होती है।
आईएएनएस के अनुसार
