सर्दी के मौसम में बैलेंस्ड डाइट के साथ जरूर करें 'सूर्य स्नान', शरीर की हड्डियों को मिलेगी मजबूती

Benefits of Sun Bath: सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग विटामिन डी की कमी से जूझते नजर आते है। विटामिन डी की कमी से थकान, हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों का कमजोर होना जैसी समस्याएं आती है।
सर्दियों में सूर्य स्नान करने के फायदे
सूर्य स्नान के फायदे (सौ.सोशल मीडिया)
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Winter Tips in Hindi: सर्दी का मौसम चल रहा है इस मौसम में सेहत का ख्याल रखना जरूरी होता है। एक अच्छी जीवन शैली के लिए पौष्टिक भोजन को बहुत महत्व दिया जाता है, लेकिन पौष्टिक भोजन के साथ-साथ सूर्य की रोशनी की भी आवश्यकता होती है। सर्दियों में इम्यूनिटी लेवल कम हो जाता है जो सर्दी-जुकाम जैसे मामलों को बढ़ाता है। सर्दियों के मौसम में अधिकतर लोग विटामिन डी की कमी से जूझते नजर आते है। विटामिन डी की कमी से थकान, हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों का कमजोर होना और मन बेवजह उदास होने की समस्याएं महसूस होता है। विटामिन डी को पूरा करने के लिए दवाईयों के अलावा प्राकृतिक रूप से विटामिन डी लेना लाभकारी होता है।

सुबह की धूप सेहत के लिए सही

सर्दियों में सुबह की धूप सेहतमंद होती है। आयुर्वेद में विटामिन डी की कमी से अग्नि और रस धातु की कमी हो जाती है। इसे लेकर आयुर्वेद में कहा जाता है कि, सूर्य के बिना शरीर की अग्नि यानी पाचन शक्ति, ओज (शरीर की लड़ने की शक्ति और चमक), रक्तधारा (ब्लड सर्कुलेशन), और धातु-पोषण (शरीर में बनने वाले उत्तकों का पोषण) अधूरा है। इसके अलावा जब तक शरीर को धूप नहीं मिलती है उस तरह शरीर को कई फायदे नहीं मिल पाता है। सूर्य की ऊर्जा से विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। वहीं पर सुबह के सूर्य उष्णता, प्रकाश और प्राण की शक्ति से युक्त होता है, जो शरीर को वो ताकत देता है जिसकी पूर्ति विटामिन डी के सप्लीमेंट भी नहीं कर पाते हैं।

इन तीन तरीकों से करें विटामिन डी की पूर्ति

आप शरीर में विटामिन डी की पूर्ति करने के लिए इन तरीको को अपना सकते है जो इस प्रकार है...

1-सूर्य स्नान -

इसके लिए सबसे पहले सुबह 7–8 बजे की धूप शरीर के लिए लाभकारी होती है। ऐसे में सूती कपड़े पहनकर धूप ग्रहण करें। आयुर्वेद में इसे सूर्य स्नान भी कहते हैं।

2- सूर्य की रोशनी में ही अभ्यंग विधि करें-

अभ्यंग तेल मालिश की विधि है, जो शरीर में विटामिन डी के अवशोषण को बढ़ाती है। इसके लिए पैर, हाथ, और गर्दन पर तेल मालिश करें। शीत ऋतु में जैतून का तेल, बादाम का तेल, और तिल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

3-पौष्टिक आहार लेना-

पौष्टिक आहार लेकर भी शरीर में विटामिन डी का अवशोषण बढ़ता है। विटामिन डी का अवशोषण शरीर में वसा युक्त भोजन के साथ ज्यादा अच्छे तरीके से होता है। इसके लिए तिल, मूंगफली, अलसी, गाय का दूध, मक्खन, मशरूम, सोंठ, काली मिर्च और आंवले का सेवन लाभकारी होता है। ये तीनों स्टेज शरीर को पुनर्जीवित करने की ताकत रखते हैं। ऐसा करने से हड्डियों, मांसपेशियों और मन तीनों को ताकत मिलती है।

आईएएनएस के अनुसार

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