
इंदौर के बाद गुजरात के गांधीनगर में 'जहर' वाला पानी (Image- Social Media)
Contaminated Water in Gandhinagar: मध्य प्रदेश के इंदौर के बाद अब गुजरात के गांधीनगर में भी दूषित पानी पीने से स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है। गांधीनगर में दूषित पानी पीने से सैंकड़ों लोग टाइफॉयड जैसी बीमारी से प्रभावित हो गए हैं। इस समय 104 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं।
गांधीनगर के सेक्टर 24, 26, 28 और आदिवाड़ा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इन क्षेत्रों में टाइफॉयड के कई मामले सामने आए हैं और दूषित पानी से प्रभावित लोगों की संख्या सैंकड़ों तक पहुँच गई है। इनमें से 104 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब सक्रिय हो गई हैं। वे घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और दूषित पानी की पाइपलाइनों की मरम्मत भी की जा रही है। बुखार, पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें आम हो गई हैं। इसके अलावा, पेयजल आपूर्ति में लगभग 10 लीकेज पाए गए थे, जिनकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
यह घटना इंदौर शहर की तरह ही है, जहां दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 2800 लोग बीमार पड़ गए थे। अब गांधीनगर में भी वही स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर सिविल हॉस्पिटल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में आवश्यक स्टाफ को तैनात करने की घोषणा भी की है। इस संकट से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 40 टीमों का गठन किया है और डोर-टू-डोर सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है।
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मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए दूषित पानी को पीने से कम से कम 15 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। मृतकों में एक नवजात शिशु और कम से कम छह महिलाएं शामिल हैं। बीते सप्ताह भागीरथपुरा इलाके में करीब 2,800 लोग बीमार पड़ गए, जबकि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया।






