ईधर युद्ध की आग में झुल रहा ईरान, उधर ट्रंप-अंबानी के बीच बड़ी डील; अमेरिका में ऑयल रिफाइनरी लगाएगी रिलायंस

Reliance In America: ट्रंप और अंबानी के बीच 300 बिलियन डॉलर की इस महा-डील ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। यह न केवल रिलायंस के लिए बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों के लिए भी एक ऐतिहासिक कदम है।
donald trump and mukesh ambani deal
डोनाल्ड ट्रंप और मुकेश अंबानी, (सोर्स- AI)
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Reliance Oil Refinery USA: ईरान-इजरायल का युद्ध अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है। युद्ध के 11वें दिन भी हमले लगातार जारी हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका 50 साल में पहली बार एक नया ऑयल रिफाइनरी प्लांट बनाने जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस परियोजना में भारत के अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज निवेश करेगी। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बात का ऐलान किया।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि एनर्जी सेक्टर में एक बार फिर अमेरिका का दबदबा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि 50 साल में पहली बार अमेरिका नई ऑयल रिफाइनरी बनाने जा रहा है। यह करीब 300 मिलियन डॉलर की बड़ी डील बताई जा रही है।

डील से अमेरिका को क्या फायदा?

इसके बाद ट्रंप ने भारत का शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि यह समझौता दुनिया की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि इस रिफाइनरी से अमेरिकी बाजार और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा। ट्रंप ने दावा किया कि यह अमेरिका की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी में से एक होगी। इससे देश में नौकरियां बढ़ेंगी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रंप और मुकेश अंबानी के बीच 300 बिलियन डॉलर की इस महा-डील ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। यह न केवल रिलायंस के लिए बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों के लिए भी एक ऐतिहासिक कदम है

टाइमिंग मायने रखती है

दरअसल यह ऐलान ऐसे समय में किया गया है जब पूरी दुनिया में तेल को लेकर अनिश्चितता और संकट गहराता दिख रहा है। अमेरिका में भी पेट्रोल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। इसी बीच मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि अमेरिकी लोग भी जानते हैं कि अभी तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हुई हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” के लक्ष्य पूरे होंगे, कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।

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