

पणजी: गोवा के शिरगांव मंदिर में वार्षिक लैराई देवी उत्सव के दौरान भगदड़ मचने से 6 लोगों की जान चली गई। गोवा सरकार ने शनिवार को इस दुखद घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि वह पूरी स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
सीएम प्रमोद सावंत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते लिखा कि "शिरगांव जात्रा में हुई घटना की गहन जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच शुरू की जाएगी। मैं जल्द ही पूरी स्थिति की समीक्षा करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करूंगा।"
घटना की जानकारी देते हुए डीजीपी गोवा आलोक कुमार ने कहा कि शिरगांव मंदिर में सुबह करीब पौने चार बजे भगदड़ मची, शायद किसी अफवाह के कारण। डीजीपी ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। भगदड़ के दौरान करीब 150 लोग गिर गए। पुलिस और स्वयंसेवकों ने तुरंत बचाव अभियान चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डीजीपी आलोक कुमार ने कहा कि हमने घटना को एक छोटे से क्षेत्र तक सीमित रखा, अन्यथा इससे और अधिक लोग हताहत हो सकते थे। कल यहां करीब 1000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने बताया कि लगभग 80 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 13 वर्तमान में गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसी) में भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से पांच की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि शेष को विशेष रूप से बनाए गए आपातकालीन वार्ड में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि दो महिलाओं सहित छह लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। उन्होंने एक बयान में कहा कि ताजा रिपोर्ट के अनुसार, असिलो अस्पताल (मापुसा), बिचोलिम और संखली में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) सहित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 75 मरीजों का इलाज किया गया है।
मंत्री राणे ने यह भी कहा कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम देखभाल मिले यह सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी और इस कठिन समय के दौरान उनकी कड़ी मेहनत के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को धन्यवाद दिया।