Zora Movie Review: नाम बड़े और दर्शन छोटे कहावत को चरितार्थ करती है फिल्म जोरा

Zora Movie:'नाम बड़े और दर्शन छोटे' ये कहावत जोरा फिल्म देखकर सच साबित होती है। फिल्म का निर्देशन राजीव राय ने किया है, जो एक समय बेहतरीन फिल्म बनाने के लिए पहचाने जाते थे।
Zora Movie Review: नाम बड़े और दर्शन छोटे कहावत को चरितार्थ करती है फिल्म जोरा
जोरा मूवी रिव्यू: बेतरतीब कहानी लगती है राजीव राय की फिल्म जोरा
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Film Review: राजीव राय के निर्देशन में बनी जोरा फिल्म रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म में रविंद्र कुमार, करणवीर, निखिल दीवान, सोफिया परवीन, दिलराज कौर, मीणा वैभव लीना शर्मा और नीतू भट्ट जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। नए कलाकारों से सजी पुराने डायरेक्टर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करेगी यह आने वाले वक्त में पता चल ही जाएगा, लेकिन यह फिल्म दर्शकों को निराश कर सकती है। क्योंकि त्रिदेव, मोहरा, गुप्त और विश्वात्मा जैसी बेहतरीन फिल्म बना चुके निर्देशक एक कमजोर और ढीली-डाली फिल्म बनाएंगे यह उम्मीद कम ही थी।

इस बात ने यह साबित कर दिया है कि नए जमाने के साथ जो खुद को अपडेट नहीं कर पाएगा उसके सरवाइवल का चांस कम हो जाता है, डार्विन की ये थ्योरी यहां भी लागू होती है।जोरा फिल्म की कहानी मैं कोई नयापन नजर नहीं आता है। पुरानी घिसी-पीटी कहानी है और 90 के दशक की फिल्मों की तरह कहानी को पेश करने का प्रयास किया गया है, जो घनघोर उबासी पैदा करता है, फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जो दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब हो।

जोरा फिल्म की कहानी: फिल्म की कहानी एक कातिल के इर्द-गिर घूमती है जो एक ईमानदार पुलिस अफसर विराट सिंह (विकास गोस्वामी) की हत्या कर उसे स्टैम्प पेपर घोटाले और अपने साथियों की हत्या का दोषी साबित कर देता है। इसके बाद सिस्टम सच्चे अफसर को दोषी मान लेता है, विराट सिंह का बेटा रंजीत (रविंद्र कुहर) अफसर बन कर अपने पिता की मौत का सच सामने लाने की कसम खाता है। अब वह इसमें कामयाब होता है या नहीं इसको जानने के लिए फिल्म देखना होगा।

जोरा फिल्म का ट्रेलर

एक्टिंग: फिल्म में सभी कलाकार नए हैं, ऐसे उनसे बेहतरीन ऐक्टिंग की कल्पना करना बेमानी साबित हो सकता है और वैसा ही कुछ फिल्म देखने के दौरान आपको भी महसूस होगा।

डायरेक्शन: राजीव राय ने जोरा फिल्म का निर्देशन किया है, उनसे यह उम्मीद थी कि वह डायरेक्शन में कहानी को दिलचस्प बना सकते हैं। बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी के जरिए फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच रोमांच पैदा कर सकते हैं, लेकिन वह इन सारी बातों में नाकाम साबित हुए हैं यह कहा जा सकता है।

संगीत: राजीव राय के निर्देशन में बनी अब तक की सभी (त्रिदेव, मोहरा, गुप्त और विश्वात्मा ) फिल्मों में जबरदस्त संगीत देखने को मिला है, लेकिन इस फिल्म में वह कमी फिल्म की शुरुआत से अंत तक आपको खलती रहेगी। यह फिल्म दर्शकों को निराश कर सकती है।

क्यों देखें फिल्म: एंटरटेनमेंट के नाम पर फिल्में देखना अगर आपकी मजबूरी है तो यह फिल्म बिल्कुल आपके लिए है। फिल्म सस्पेंस और थ्रिलर का तड़का जरूर लगाया गया है, लेकिन क्लाइमेक्स आते आते तक फिल्म अपनी कहानी से भटक जाती है।

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