

Sunetra Pawar NCP President: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाओं पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। सांसद सुप्रिया सुले के ताजा बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सुले ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में कहा, "मेरे भाई चले गए, अब कुछ नहीं बचा। अजित पवार (दादा) के फैसले और सपने अब उन्हीं के साथ चले गए।" उनके इस बयान को अजित पवार गुट के साथ सुलह के सभी रास्तों के बंद होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि केवल कुछ दिन पहले 12 फरवरी को सुप्रिया सुले ने उम्मीद जताई थी कि "दादा के सपने पूरे होंगे", लेकिन अब उनके रुख में आए इस बड़े बदलाव ने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। सुले के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि शरद पवार और अजित पवार के गुटों के बीच की खाई अब और गहरी हो गई है।
अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने अब अपनी स्वतंत्र राह पर मजबूती से आगे बढ़ने का मन बना लिया है। आगामी 26 फरवरी को एनसीपी (अजित पवार) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है जिसमें पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस बैठक में सुनेत्रा पवार के नाम पर आधिकारिक मुहर लगाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह शरद पवार परिवार के खिलाफ अजित पवार का एक बड़ा रणनीतिक कदम माना जाएगा जिससे पार्टी के भीतर नेतृत्व की कमान पूरी तरह उनके परिवार के पास रहेगी।
आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई के दौरे पर हैं और उनके इस दौरे के दौरान होने वाली राजनीतिक मुलाकातें काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। महायुति गठबंधन के भीतर एनसीपी (अजित पवार) की स्थिति और आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर इस दौरे में कुछ बड़े संकेत मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों के बाद राजनीतिक समीकरणों में क्या बदलाव आता है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। विशेष रूप से अजित पवार गुट द्वारा स्वतंत्र नेतृत्व की घोषणा के बाद भाजपा के साथ उनके तालमेल को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं।
एनसीपी की इस महत्वपूर्ण हलचल के बीच विधानसभा के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नरहरि जिरवाल ने कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है। सूत्रों का कहना है कि जिरवाल पार्टी के भविष्य के रोडमैप और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर कुछ बड़े खुलासे कर सकते हैं। सुप्रिया सुले के बयान के बाद अजित पवार गुट की ओर से जिरवाल का यह पलटवार काफी अहम होगा। फिलहाल महाराष्ट्र में एनसीपी के नाम और विरासत की जंग अब भावुक बयानों से निकलकर संगठनात्मक नियुक्तियों और शक्ति प्रदर्शन के निर्णायक दौर में पहुँच गई है।