वश लेवल 2 को शैतान से मिला फायदा लेकिन शैतान 2 के लिए ये बन सकती है बड़ा खतरा
Film Review: अजय देवगन और आर माधवन की फिल्म शैतान गुजराती फिल्म वश का हिंदी रीमेक थी। अब उसी गुजराती फिल्म वश का सीक्वल वश लेवल 2 दर्शकों के सामने रिलीज हो चुका है। अगर आप वश लेवल 2 फिल्म देखने का मन बना रहे हैं, तो आपको यह रिव्यू जरूर पढ़ लेना चाहिए। जानकी बोदीवाला की फिल्म वश लेवल 2 बेहतरीन फिल्म है। बस इसका क्लाइमैक्स आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं होगा। वश फिल्म गुजराती में रिलीज हुई थी, उसका हिंदी रीमेक शैतान के रूप में बनाया गया, लेकिन वश लेवल 2 का हिंदी डब वर्जन भी रिलीज किया गया है। ऐसे में यह शैतान 2 के लिए खतरे की घंटी है, यह कहा जा सकता है, क्योंकि कहानी पहले से ही लोगों को पता चल जाएगी।
कहानी: फिल्म की कहानी जबरदस्त है कहानी की शुरुआत स्कूल से होती है। जहां एक स्कूल की लड़कियां लंच करने के बाद अचानक वशीकरण का शिकार हो जाती है। 100 लड़कियां छत पर कूदने के लिए चढ़ जाती हैं। लड़कियों को जिसने वश में किया है वह लड़कियों को वशीकरण से मुक्त करने के बदले में प्रताप अंकल की डिमांड करता है। यहां कहानी मोड़ लेती है। आइए जानते हैं प्रताप अंकल कौन है? कहानी में अथर्व (हितु कनोडिया) की एंट्री होती है। वह पिछले 12 साल से बेटी आर्या (जानकी बोदीवाला) को वशीकरण से बाहर लाने का प्रयास कर रहा है। आर्य की ऐसी हालत प्रताप अंकल (हितेन कुमार) ने की थी। प्रताप अब अथर्व की कैद में है और जिन 100 लड़कियों को वशीभूत किया गया है। वह प्रताप अंकल को छोड़ने की डिमांड कर रही हैं। उनसे यह डिमांड प्रताप का छोटा भाई राजनाथ करवा रहा है। देखना यह होगा कि क्या राजनाथ की डिमांड को अथर्व मान लेता है? क्या वह प्रताप को छोड़ देगा? 100 लड़कियां वशीकरण से आजाद हो जाएंगी? अथर्व की बेटी आर्या का क्या होगा? यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगा।
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डायरेक्शन: फिल्म का डायरेक्शन फिल्म के पहले और दूसरे हाफ में जबरदस्त है, लेकिन क्लाइमेक्स में डायरेक्शन में कमी देखने को मिलती है। इसका क्लाइमैक्स और बेहतर हो सकता था। फिल्म अचानक से खत्म हो जाती है। यह दर्शकों को भी अटपटा लग सकता है।
एक्टिंग: फिल्म में एक्टिंग की अगर बात करें तो सभी ने जबरदस्त एक्टिंग की है। खासतौर पर जान बोदीवाला हितु कनोडिया और हितेन कुमार की एक्टिंग आपको उनकी तारीफ करने पर मजबूर कर सकती है। जानकी बोदीवाला को पिछली फिल्म यानी वश के मुकाबले स्क्रीन टाइम काफी कम मिला है, लेकिन इस कम टाइम में भी उन्होंने जबरदस्त एक्टिंग की है। एक वक्त में वह आपको डरा भी रही हैं और दूसरे वक्त में वह आपको रुला भी रही हैं।
म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी: फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक जबरदस्त है, कई बार म्यूजिक की वजह से आपके डर का लेवल और बढ़ जाएगा। फिल्म के सिनेमैटोग्राफी कि अगर बात करें तो सिनेमैटोग्राफी जबरदस्त है। हॉरर फिल्म में जिस तरह की सिनेमैटोग्राफी होनी चाहिए वैसी ही सिनेमैटोग्राफी की गई है। कई बार सिर्फ दृश्य ही आपको डरा देंगे। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि फिल्म का स्क्रीनप्ले और सिनेमैटोग्राफी दोनों का जबरदस्त तालमेल यहां आपको देखने मिलेगा।
क्यों देखें फिल्म: अगर आप हॉरर और सस्पेंस फिल्में देखने के शौकीन है तो यह फिल्म बिल्कुल आपके लिए है और आपका पूरा पैसा वसूल करेगी। फिल्म का क्लाइमेक्स थोड़ा कमजोर लगता है लेकिन फिर भी उसे नजरअंदाज किया जा सकता है।