सुप्रीम कोर्ट पहुंचा उदयपुर फाइल्स पर रोक का मामला, जानें क्या है पूरा मामला

फिल्म उदयपुर फाइल्स पर दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से लगाई गई रोक के खिलाफ फिल्म निर्माता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।
उदयपुर फाइल्स फिल्म के रिलीज पर लगी रोक पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
उदयपुर फाइल्स फिल्म के रिलीज पर लगी रोक पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
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Udaipur Files Hearing In Supreme Court: उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिसके बाद फिल्म मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है और अब फिल्म पर लगी रोक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कन्हैया लाला का परिवार फिल्म के रिलीज पर लगी रोक हटाने की मांग कर रहा है।

फिल्म की कहानी राजस्थान के उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड की सच्ची घटना पर केंद्रित है, जिसमें दो लोगों ने एक टेलर की हत्या कर दी थी। फिल्म में इस घटना के आसपास की कहानी को दिखाया जाएगा और इसके पीछे के कारणों को उजागर किया जाएगा। फिल्म में अभिनेता विजय राज मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का उद्देश्य इस घटना के माध्यम से नफरत और हिंसा के खिलाफ संदेश देना है।

कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स

उदयपुर के बहुचर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी फिल्म उदयपुर फाइल्स विवादों में घिर गई थी, इस वजह से दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज से ठीक पहले उस पर रोक लगा दी।

मृतक कन्हैया लाल की पत्नी जसोदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा 

खबर के मुताबिक मृतक कन्हैया लाल की पत्नी जसोदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कन्हैया लाल के जीवन पर आधारित फिल्म को रिलीज किए जाने की मांग की है।  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि कन्हैया लाल हत्याकांड की पूरी सच्चाई देश को पता चलनी चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने दर्जी कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी थी और इसी घटना पर यह फिल्म बनाई गई है। 11 जुलाई को उदयपुर फाइल्स फिल्म रिलीज होने वाली थी, लेकिन जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को फिल्म के रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी। याचिका कर्ताओं ने दावा किया है कि फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकती है और यह फिल्म मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है।

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