- Hindi News »
- Business »
- Supreme Court Reprimanded Rera Said You Become Helper For Builders
‘बिल्डरों के मददगार बन गए हैं आप, काम नहीं कर सकते तो बंद कर दें संस्था’, सुप्रीम कोर्ट की रेरा को कड़ी फटकार
Supreme Court: कोर्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि अगर यह संस्था खरीदारों के हितों की रक्षा करने में असमर्थ है, तो इसकी मौजूदगी का कोई अर्थ नहीं रह जाता। कोर्ट ने और क्या-क्या कहा, आइए जानते हैं।
- Written By: मनोज आर्या

सुप्रीम कोर्ट, (फाइल फोटो)
Supreme Court On RERA: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान रेरा की भूमिका और कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार करते हुए गंभीर सवाल उठाए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी के दौरान अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि डिफाल्टर बिल्डरों को सुविधा देने के अलावा यह संस्था कुछ नहीं कर रही है और ऐसी स्थिति में इस संस्था को ही खत्म कर देना बेहतर होगा।
अदालत ने इस बात पर गहरी निराशा और चिंता जताई कि जिन घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए रेरा का गठन किया गया था, वे आज न्याय के लिए हताश और दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
क्या है यह मामला?
यह पूरा मामला हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रकाश में आया, जिसमें हिमाचल हाई कोर्ट ने रेरा दफ्तर को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने के निर्णय पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने न केवल हाई कोर्ट की इस रोक को हटाया, बल्कि देश भर में रेरा के कामकाज के ढीले रवैये की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि कई राज्यों में यह संस्था महज रिटायर्ड नौकरशाहों के लिए एक ‘पुनर्वास केंद्र’ बनकर रह गई है, जहां अधिकारी बैठते तो हैं लेकिन खरीदारों को कोई ठोस राहत या नतीजा प्राप्त नहीं होता है।
सम्बंधित ख़बरें
1 अप्रैल से बदल जाएगा UPI और कार्ड पेमेंट का तरीका! टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य; जानें अब कैसे होगा लेनदेन
पर्सनल लोन से सस्ता है गोल्ड लोन! लेकिन एक छोटी सी चूक से जा सकता है आपका सोना, जानें फायदे और नुकसान
मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलसा दलाल स्ट्रीट! टॉप 10 में से 7 दिग्गज कंपनियों के ₹1.75 लाख करोड़ स्वाहा
Share Market Outlook: मिडिल ईस्ट संकट के बीच सोमवार को कैसा रहेगा बाजार, ये फैक्टर्स तय करेंगे मार्केट की चाल
रेरा के पास शिकायतों का अंबार
सुप्रीम कोर्ट ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया कि रेरा के पास शिकायतों का अंबार लगा हुआ है, लेकिन दिए गए फैसलों पर अमल न के बराबर है। बिल्डर खुलेआम रेरा के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और अथॉरिटी मूकदर्शक बनकर यह सब देख रही है। कोर्ट के अनुसार रेरा का ढांचा वर्तमान में ऐसा हो गया है जो बिल्डरों को उनके डिफॉल्ट के बावजूद कानूनी दांव-पेंचों का फायदा उठाने में मदद करता है, जबकि एक आम आदमी सालों-साल कोर्ट के चक्कर काटता रह जाता है।
कोर्ट ने रेरा अधिकारियों पर आपत्ति जताई
बेंच ने रेरा में विशेषज्ञों की कमी और रिटायर्ड अधिकारियों की नियुक्तियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट का मानना है कि इन महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत है जो पर्यावरण, आर्किटेक्चर और स्थानीय विकास की तकनीकी समझ रखते हों। चीफ जस्टिस ने सवाल उठाते हुए पूछा कि एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट पालमपुर या धर्मशाला जैसे विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों के विकास में कैसे योगदान दे सकता है, जबकि उसे इन क्षेत्रों की तकनीकी बारीकियों का ज्ञान ही नहीं है।
यह भी पढ़ें: गूगल में फिर मची खलबली! Layoff के डर के बीच ‘वॉलंटरी एग्जिट’ का ऑफर, मना किया तो जा सकती है सीधे नौकरी
संस्था की मौजूदगी का कोई अर्थ नहीं
अदालत ने सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे रेरा के गठन के मूल उद्देश्य पर पुनर्विचार करें। कोर्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि अगर यह संस्था खरीदारों के हितों की रक्षा करने में असमर्थ है, तो इसकी मौजूदगी का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि रेरा के फैसलों के खिलाफ अपील सुनने की शक्ति अब जिला जजों को दी जानी चाहिए ताकि आम नागरिकों को अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए बार-बार राजधानी के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय मिल सके।
Supreme court reprimanded rera said you become helper for builders
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 30 March: सोमवार को मेष और वृश्चिक राशि वालों की चमकेगी किस्मत, जानें अपनी राशि का हाल
Mar 30, 2026 | 12:05 AMKKR के खिलाफ मुंबई इंडियंस की ऐतिहासिक जीत के हीरो बने रोहित शर्मा, तोड़ा विराट कोहली का ये बड़ा रिकॉर्ड
Mar 29, 2026 | 11:52 PMमुंबई पुलिस परेड में भाई को पहली सलामी, इमोशनल वीडियो ने जीत लिया दिल
Mar 29, 2026 | 11:50 PM“भारत में इलाज बहुत आसान है!” अमेरिकी महिला का वीडियो वायरल, हेल्थ सिस्टम की जमकर तारीफ
Mar 29, 2026 | 11:39 PMMI ने IPL में किया चेज किया अपना सबसे बड़ा टारगेट, KKR को 6 विकेट से चटाई धूल, खूब बोला रोहित-रिकल्टन का बल्ला
Mar 29, 2026 | 11:13 PMग्वालियर के भितरवार थाने में महिला का हाईवोल्टेज हंगामा, ‘देवी’ आने का किया दावा; पुलिस ने चढ़ाए 50 रुपये
Mar 29, 2026 | 11:04 PMखरगोन में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की दहशत, व्यापारी के घर फायरिंग मामले में आया बड़ा अपडेट
Mar 29, 2026 | 10:51 PMवीडियो गैलरी

महिलाओं को कैश…100 दिन के अंदर न्याय, असम चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता के सामने रखी ‘5 गारंटी’
Mar 29, 2026 | 10:33 PM
‘जम्मू-कश्मीर है छोटा ईरा’, युद्ध से पहले PM मोदी के दौरे पर महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल- VIDEO
Mar 29, 2026 | 09:50 PM
‘गौ रक्षा का प्रस्ताव लाए सपा, तभी मिलेगा समर्थन’, अखिलेश यादव के बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया
Mar 29, 2026 | 09:44 PM
‘चुन-चुनकर असम से घुसपैठियों को बाहर निकालेंगे’, सोनितपुर की रैली में अमित शाह का बड़ा वादा- VIDEO
Mar 29, 2026 | 09:37 PM
1 अप्रैल से जेब पर पड़ेगी मार, LPG, ट्रेन टिकट से लेकर Income Tax तक होने जा रहे ये 8 बड़े बदलाव- VIDEO
Mar 29, 2026 | 09:33 PM
रेखा गुप्ता के ‘कोर्ट सेट’ बयान पर मचा बवाल, संजय सिंह ने किया पलटवार, SC से की कार्रवाई की मांग
Mar 29, 2026 | 02:08 PM














