
Sharad Malhotra (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sharad Malhotra Birthday: पर्दे की चकाचौंध और ग्लैमर भरी दुनिया हर किसी को आकर्षित करती है, लेकिन इस इंडस्ट्री में सफलता पाना हर किसी के बस की बात नहीं। टीवी पर अपनी किस्मत आजमाने आए अभिनेता शरद मल्होत्रा ने कई हिट सीरियल्स, ओटीटी प्रोजेक्ट्स और म्यूजिक वीडियो में काम किया है। हालांकि, अपने करियर के शुरुआती दौर में एक समय ऐसा आया जब वे अंदर से टूट गए थे और अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर वापस कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन उनकी अंतरात्मा की एक आवाज़ ने उनके कदमों को रोक दिया और उनकी ज़िन्दगी बदल दी।
9 जनवरी को मुंबई में जन्मे शरद मल्होत्रा आज टीवी का एक जाना-माना चेहरा हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में कई हिट सीरियल दिए। करियर की शुरुआत एक सीरियल में कैमियो से हुई थी, लेकिन उनकी लंबी कदकाठी, खूबसूरत चेहरे और शानदार एक्टिंग के बलबूते पर उन्हें जल्द ही सीरियल्स में लीड रोल मिलने लगे।
शरद मल्होत्रा को पहली बार अपने एक्टिंग टैलेंट को देश के सामने दिखाने का मौका 2004 में आया।
पहला ब्रेक: उन्हें ‘इंडियाज बेस्ट सिनेस्टार्स की खोज’ में देखा गया।
बड़ी सफलता: इसके बाद वे ‘बनू मैं तेरी दुल्हन’ में सागर प्रताप सिंह का किरदार निभाकर घर-घर में फेमस हो गए।
अन्य हिट शो: उन्होंने ‘भारत का वीर पुत्र – महाराणा प्रताप’, ‘एक तेरे साथ’ और ‘कसम तेरे प्यार की’ जैसे कई हिट टीवी सीरियल्स में मुख्य भूमिका निभाई।
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शरद मल्होत्रा ने अपने करियर में सफलता हासिल की, लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब वे अंदर से टूट गए और इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था।
मुश्किल दौर: अभिनेता के लिए 2-3 साल ऐसे बीते थे, जब जिंदगी में कुछ भी सही नहीं हो रहा था। उन्हें न अच्छा काम मिल रहा था और न ही अच्छा नाम।
शाहरुख खान से तुलना: उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वह शाहरुख खान की तरह नाम कमाना चाहते थे, लेकिन काम करने के बाद अहसास हुआ कि शाहरुख खान को किंग खान बनने में 25 साल लगे थे।
निराशा: उन्होंने बताया, “मैं उस वक्त बहुत निराश हो गया था और सब कुछ छोड़कर वापस कोलकाता जाना चाहता था। अच्छा काम नहीं मिल रहा था और न ही अच्छे लोग। जिंदगी बोझिल हो गई और मैंने सोच लिया था कि ये काम मेरे लिए नहीं बना है, अब वापस जाना होगा।”
जब शरद मल्होत्रा पूरी तरह से निराश होकर वापस जाने का मन बना चुके थे, तभी उनकी अंतरात्मा से एक आवाज़ आई जिसने उनका फैसला बदल दिया और उन्हें इंडस्ट्री में रोक लिया।
अंदर की आवाज़: उन्होंने बताया कि तब “अंदर से आवाज आई कि जितना अब तक उस देने वाले ने दिया है, उसका सम्मान करना होगा।”
सफलता का मंत्र: अभिनेता का मानना था कि हर नाकामी कुछ न कुछ सिखाती है और सब्र सबसे बड़ी ताकत होती है। उनके इसी सब्र और हिम्मत ने उन्हें टीवी इंडस्ट्री को छोड़ने से रोका था।
वर्तमान करियर: अभिनेता 20 साल से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्हें आखिरी बार विक्रम भट्ट द्वारा निर्देशित एक माइक्रो-सीरीज ‘गलत’ में देखा गया था।






