थिएटर्स के बाद OTT पर धमाल मचाने को तैयार सूरज बड़जात्या, अपकमिंग वेब सीरीज को लेकर कही ये बात

Web Series Sangmarmar: सूरज बड़जात्या 26 फरवरी से जियो हॉटस्टार पर ‘संगमरमर’ लेकर आ रहे हैं। इसी बीच हाल ही में उन्होंने वेब डेब्यू, पारिवारिक सिनेमा और प्रेम नाम की कहानी पर खास बातचीत की है।
Suraj Barjatya New Series Sangmarmar Ott Release
सूरज बड़जात्या (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Sangmarmar Ott Release: परिवार और प्रेम की कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले फिल्मकार सूरज बड़जात्या अब वेब शो ‘संगमरमर’ लेकर आ रहे हैं, जो 26 फरवरी से जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। ‘मैंने प्यार किया’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी क्लासिक फिल्मों के निर्माता बड़जात्या इस बार ओटीटी के जरिए नई पीढ़ी तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।

व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन पर आधरित है कहानी

दरअसल, सूरज बड़जात्या मानते हैं कि हर व्यक्ति की जिंदगी में ऐसे मौके आते हैं जब परिवार और करियर के बीच चुनाव करना पड़ता है। उनका कहना है कि एक फिल्मकार जब किसी प्रोजेक्ट से जुड़ता है तो दो-ढाई साल तक वही दुनिया उसकी प्राथमिकता बन जाती है। ‘संगमरमर’ की नायिका की तरह उन्हें भी जीवन में कई बार ऐसे फैसले लेने पड़े हैं। यह शो स्त्री-पुरुष समानता और इश्क बनाम फर्ज के द्वंद्व को दिखाता है।

क्या पुरानी फिल्म से प्रेरित है शो?

कुछ लोगों ने शो को ‘एक विवाह ऐसा भी’ से प्रेरित बताया, लेकिन बड़जात्या साफ कहते हैं कि यह कहानी बिल्कुल अलग है। 1988 से 2026 तक फैली यह कहानी बदलते समाज और रिश्तों के नए नजरिए को दर्शाती है।

बदलते दौर में पारिवारिक फिल्मों की जगह

कोरोना के बाद बड़े पर्दे पर भव्य फिल्मों के चलने की बात पर बड़जात्या कहते हैं कि समय के साथ प्रयोग जरूरी हैं, लेकिन अपनी पहचान से भटकना नहीं चाहिए। उनके मुताबिक पारिवारिक कहानियों में मनोरंजन का तत्व बेहद जरूरी है, क्योंकि आज दर्शकों के पास कई विकल्प हैं। भावनात्मक जुड़ाव ही असली सफलता है।

‘प्रेम’ नाम की कहानी

आपको बता दें कि उनकी फिल्मों के नायकों का नाम अक्सर ‘प्रेम’ रहा है। इसकी शुरुआत ‘मैंने प्यार किया’ से हुई। दरअसल, राजश्री प्रोडक्शन की पुरानी हिट फिल्म में भी हीरो का नाम प्रेम था, जिसे उन्होंने शुभ संकेत मानकर आगे बढ़ाया।

सशक्त नायिकाओं की है प्रेरणा

साथ ही बड़जात्या कहते हैं कि उन्होंने कभी अलग से ‘सशक्त नायिका’ लिखने का प्रयास नहीं किया। भारतीय संस्कृति पर आधारित कहानियों में स्त्री की शक्ति स्वाभाविक रूप से उभरती है। वही शक्ति परिवार को जोड़े रखती है। ‘संगमरमर’ के जरिए सूरज बड़जात्या एक बार फिर प्रेम और परिवार की कहानी को नए दौर के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

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