रंग दे बसंती की 20वीं सालगिरह पर होगी स्पेशल स्क्रीनिंग, कास्ट और क्रू होंगे शामिल

Rang De Basanti Special Screening: ‘रंग दे बसंती’ अपनी रिलीज के 20 साल पूरे करने जा रही है। इस खास मौके पर मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग रखी जाएगी, जिसमें आमिर खान समेत पूरी कास्ट और क्रू शामिल होंगे।
Rang De Basanti 20th Anniversary special screening Aamir Khan
रंग दे बसंती की स्पेशल स्क्रीनिंग (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
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Rang De Basanti 20th Anniversary: राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रंग दे बसंती’ भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में शुमार है, जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि समाज और युवाओं की सोच पर भी गहरा असर डाला। 26 जनवरी 2006 को रिलीज हुई यह फिल्म अब अपने थिएट्रिकल सफर के 20 साल पूरे कर चुकी है। इस ऐतिहासिक मौके को खास बनाने के लिए मेकर्स ने फिल्म की कास्ट और क्रू के लिए एक स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, ‘रंग दे बसंती’ की 20वीं सालगिरह पर 30 जनवरी को मुंबई में एक खास स्क्रीनिंग रखी जाएगी, जिसमें फिल्म से जुड़े कई अहम चेहरे शिरकत करेंगे। इस खास मौके पर डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ आमिर खान, सिद्धार्थ सूर्यनारायण, सोहा अली खान, कुणाल कपूर और अतुल कुलकर्णी के शामिल होने की पुष्टि हुई है। यह स्क्रीनिंग पूरी टीम के लिए बेहद भावुक और यादगार होने वाली है, क्योंकि दो दशक बाद सभी कलाकार अपनी उसी फिल्म को एक साथ बड़े पर्दे पर दोबारा देखेंगे, जिसने उन्हें और दर्शकों को हमेशा के लिए जोड़ दिया।

रंग दे बसंती के स्टार कास्ट

‘रंग दे बसंती’ को एक सच्ची कल्ट क्लासिक माना जाता है। फिल्म ने देशभक्ति को किसी नारे या भाषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे युवाओं की सोच, सवालों और विद्रोह के जरिए पेश किया। आमिर खान, आर. माधवन, सिद्धार्थ सूर्यनारायण, शरमन जोशी, कुणाल कपूर, सोहा अली खान, अनुपम खेर और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकारों की दमदार परफॉर्मेंस ने कहानी को और भी प्रभावशाली बना दिया। ए.आर. रहमान का संगीत आज भी उतना ही लोकप्रिय है, जितना 2006 में था।

रंग दे बसंती की कहानी

फिल्म की कहानी कुछ बेफिक्र युवाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी ज़िंदगी तब बदल जाती है जब वे स्वतंत्रता सेनानियों पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाते हैं। क्रांतिकारियों के किरदार में उतरते-उतरते वे भ्रष्टाचार, अन्याय और सिस्टम की सच्चाई से रूबरू होते हैं और फिर ऐसा फैसला लेते हैं, जो उनकी ज़िंदगी की दिशा हमेशा के लिए बदल देता है। यही वजह है कि ‘रंग दे बसंती’ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है। 20 साल बाद हो रही यह स्पेशल स्क्रीनिंग सिर्फ एक फिल्मी जश्न नहीं, बल्कि उस सोच और भावना का उत्सव है।