

Global Diplomacy For Middle East Peace: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर विस्तार से बातचीत की। इस संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के महत्व पर बल दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करते हुए शांति प्रक्रिया के लिए मध्य पूर्व शांति के लिए वैश्विक कूटनीति की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है। यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में विदेशी सैन्य उपस्थिति और संभावित हमलों का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि उनका देश शांति स्थापित करने और किसी भी तरह की जंग को रोकने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर अपने नागरिकों और देश के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हर प्रक्रिया का स्वागत करेगा। चीनी मीडिया सिन्हुआ के अनुसार पेजेशकियन ने मंगलवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के साथ फोन पर इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की।
ईरानी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के प्रधानमंत्री से बातचीत में पश्चिम एशिया में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए मुस्लिम देशों के बीच सहयोग की अपील की है। पेजेशकियन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान और यूरोप के बीच कूटनीतिक संबंधों को सुधारने के प्रयासों में लगातार कई तरह की बाधाएं पैदा कर रहा है। उन्होंने वॉशिंगटन के नजरिए की आलोचना करते हुए कहा कि वे केवल अपनी बात मनवाना चाहते हैं और किसी भी देश की अपनी संप्रभुता का सम्मान नहीं करते हैं।
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ किसी भी तरह के हमले या धमकी का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव बढ़ाने वाली किसी भी कार्रवाई को मंजूर नहीं किया जाएगा और वे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ईरान के साथ हर स्तर पर सहयोग करेंगे। क्राउन प्रिंस ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने देश की प्रतिबद्धता दोहराई और ईरान के साथ मिलकर विकास की राह पर चलने की इच्छा जताई।
इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अपने पड़ोसी देशों को एक बहुत ही सख्त चेतावनी जारी की है कि वे अपनी भूमि का उपयोग न होने दें। नेवी के उपकमांडर मोहम्मद अकबरजादेह ने कहा कि किसी भी देश को अपना एयरस्पेस, समुद्री इलाका या जमीन ईरान पर हमला करने के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ईरान को होर्मोज स्ट्रैट के आसमान, समुद्र की सतह और जमीन के नीचे से लगातार हर छोटी-बड़ी सैन्य गतिविधि का डेटा मिल रहा है।
ईरानी कमांडरों का दावा है कि वे ही यह तय करते हैं कि होर्मोज जलडमरूमध्य से किस देश का जहाज और किस झंडे के नीचे युद्धपोत सुरक्षित गुजर सकता है। इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिकी नौसेना का यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट के पास तैनात होने पहुंच चुका है। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका बहुत ही प्रभावी और बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा।