रामायण में आदिपुरुष वाली गलती ना दोहराएं, प्रेम सागर ने दी नसीहत

नितेश तिवारी की रामायण का टीजर जारी होने के बाद लोग उसकी तारीफ करते हुए नजर आए हैं। प्रेमसागर ने भी इस पर रिएक्ट किया है, उन्होंने फिल्म मेकर्स को नसीहत दी है कि आदिपुरुष वाली गलती ना दोहराएं।
रामायण में आदिपुरुष वाली गलती ना दोहराएं, प्रेम सागर ने दी नसीहत
प्रेम सागर ने दी रामायण के मेकर्स को नसीहत
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रणबीर कपूर की बहुचर्चित फिल्म रामायण का टीजर जारी होने के बाद इस पर खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स टीजर की तारीफ करते हुए नजर आए हैं। इस पर रामानंद सागर की बेटे प्रेम सागर ने भी रिएक्ट किया है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने रामायण फिल्म पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना फिल्म देख उसे गलत या सही ठहराना सही नहीं होगा। बस फिल्म मेकर्स को यह कहना चाहता हूं कि आदिपुरुष फिल्म में हुई गलतियों को यहां पर न दोहराया जाए, क्योंकि आखिरकार जनता जनार्दन ही तय करती है कि उसे फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स देना है।

रामानंद सागर ने जो रामायण बनाई थी उसमें प्रेम सागर का भी अहम योगदान था। टीवी सीरियल रामायण सिर्फ सीरियल नहीं रहा बल्कि वह जनता के मन में बस जाने वाली कथा बन चुका है। रामायण सीरियल के किरदार भी लोगों के जेहन में ऐसे बसे हैं कि आज भी जब रामायण टीवी पर प्रसारित होता है लोग उसे बड़ी शिद्दत के साथ देखते हैं।

आदिपुरुष फिल्म में क्या हुआ था

आदिपुरुष फिल्म जब रिलीज हुई तो फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता थी, फिल्म करीब 700 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई थी, लेकिन फिल्म का वीएफएक्स काफी कमजोर था, डायलॉग सही से नहीं लिखे गए थे, किरदार भी लोगों का दिल जीतने में नाकामयाब साबित हुए और चारों तरफ उसकी आलोचना की गई।

प्रेम सागर ने रामायण फिल्म के बारे में क्या कहा

अमर उजाला से की गई बातचीत में प्रेम सागर ने कहा कि वह राम भक्त हैं। कोई दर्शक या फिल्म क्रिटिक्स नहीं। अगर कोई राम नाम का प्रचार कर रहा है, तो इसमें कोई परेशानी ही नहीं है, किसी भी रूप में राम नाम का प्रचार होना स्वागत के लायक है। उन्होंने कहा हर इंसान की अपनी रामायण होती है, अगर कोई डायरेक्ट अपनी सोच से रामायण बना रहा है तो हमें उसे तुरंत गलत या सही नहीं बताना चाहिए। कोशिश करना चाहिए कि पहले हम उसे देखें। बस वो आदि पुरुष वाली गलती ना दोहराए, आज का जमाना आधुनिक हो गया है स्पेशल इफेक्ट और वीएफएक्स के जरिए युवा अधिक कनेक्ट महसूस करते हैं और अगर नई फिल्मों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है, तो यह अच्छी बात है। हर कलाकार के पास आजादी होनी चाहिए कि वह अपना काम ठीक से कर सके। आखिरकार तो जानता ही तय करती है कि उसे कैसा रिस्पॉन्स देना है।

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