Nargis Dutt Death Anniversary: तवायफ की बेटी से सिनेमा की मदर इंडिया तक का सफर, दर्दनाक रही अंतिम यात्रा

नरगिस ने मदर इंडिया में मां की भूमिका निभाकर सिनेमा की परिभाषा ही बदल दी। इस फिल्म ने उन्हें देश की पहली सुपरस्टार अभिनेत्री बना दिया। यही फिल्म ऑस्कर नामांकन तक भी पहुंची और नरगिस को सशक्त महिला किरदार की पहचान बना गई।
Nargis Dutt Death Anniversary: तवायफ की बेटी से सिनेमा की मदर इंडिया तक का सफर, दर्दनाक रही अंतिम यात्रा
नरगिस दत्त (सौ.सोशल मीडिया)
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मुंबई: 'बरसात', 'अंदाज' और 'आवारा' जैसी फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में अमर हो चुकी दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त का जन्म 1 जून, 1929 को कलकत्ता में हुआ था। उनकी अदाकारी आज भी सितारों के लिए मिसाल है। आज, 3 मई को उनकी पुण्यतिथि पर उनके जीवन की वो झलकियां याद करना जरूरी है, जिनमें संघर्ष, त्याग, प्रेम और पराक्रम सब कुछ शामिल है।

नरगिस की मां जद्दनबाई, उस दौर की मशहूर तवायफ और संगीतकार थीं। जद्दनबाई की अपनी मां दलीपाबाई भी लखनऊ की नामी तवायफ थीं। इस पृष्ठभूमि ने समाज में उनके लिए कई दरवाजे बंद कर दिए थे, लेकिन नरगिस ने इन्हीं दीवारों को तोड़कर इतिहास रच दिया। नरगिस की मां ने उन पर कर्ज का बोझ उतारने के लिए उन्हें महज 6 साल की उम्र में फिल्मों में उतारा।

फिल्म 'तलाश-ए-हक' से शुरू हुआ यह सफर, जल्द ही हिंदी सिनेमा की बुलंदियों तक जा पहुंचा। ‘तकदीर’, ‘अंदाज’, ‘बरसात’, और ‘आवारा’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी से न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि यह साबित किया कि अभिनय जन्म से नहीं, संघर्ष से आता है। नरगिस ने 1957 में फिल्म ‘मदर इंडिया’ में एक मां की भूमिका निभाकर सिनेमा की परिभाषा ही बदल दी। इस फिल्म ने उन्हें देश की पहली सुपरस्टार अभिनेत्री बना दिया। यही फिल्म ऑस्कर नामांकन तक भी पहुंची और नरगिस को सशक्त महिला किरदारों की पहचान बना गई।

अपने करियर के शिखर पर रहते हुए, नरगिस ने सुनील दत्त से विवाह किया, जिन्होंने ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान आग से बचाकर नरगिस की जान बचाई थी। शादी के बाद उन्होंने फिल्में छोड़ दीं और परिवार को प्राथमिकता दी। 1967 की फिल्म ‘रात और दिन’ उनकी आखिरी फिल्म रही, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। पर दुर्भाग्यवश, उनकी ज़िंदगी का अंत उतना ही दर्दनाक रहा। उन्हें पैंक्रियाज का कैंसर हुआ और 1981 में महज़ 51 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वे अपने बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' की रिलीज तक भी नहीं देख सकीं।

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