ईरान ने भारतीय छात्रों को किया गिरफ्तार! सोशल मीडिया पर मचा बवाल तो राजदूत ने बताई सच्चाई

Iran Protests: ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर अफवाहों का खंडन किया गया है। राजदूत और चिकित्सा संगठनों ने छात्रों को सुरक्षित बताया और केवल भरोसेमंद स्रोतों पर विश्वास करने की अपील की।
iran denies arrest of indian students
ईरान ने भारतीय छात्रों की गिरफ्तारी से इनकार किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Iran Arrested Indian Nationals: ईरान में चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच एक नई अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है। इसमें दावा किया गया है कि ईरान ने भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है, लेकिन भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहअली ने इन खबरों को पूरी तरह से झूठा करार दिया है। उन्होंने अपील की है कि लोग केवल सत्यापित और भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

राजदूत फतहअली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि कुछ विदेशी अकाउंट्स द्वारा फैलाई जा रही खबरें बिल्कुल गलत हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी खबर जो भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी से संबंधित हो, पूरी तरह निराधार है। यह बयान तब आया है जब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही थी।

भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर स्पष्टीकरण

इस अफवाह के बीच भारत में छात्रों के परिवारों को राहत देने के लिए ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशंस (FAIMA) ने एक संयुक्त बयान जारी किया। दोनों संगठनों ने स्पष्ट किया कि ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र सुरक्षित हैं और उन्हें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।  AIMSA और FAIMA के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने कहा, "हमारे सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी अफवाह से डरने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया कि कई भारतीय छात्र स्वयं अपने परिवारों से संपर्क कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे सुरक्षित हैं।

सरकारी निगरानी और सुरक्षा

डॉ. खान ने आगे बताया कि भारतीय दूतावास और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वे छात्रों और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क में हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। ईरान सरकार ने भी विदेशी मीडिया और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं को फैलाने का आरोप लगाया है, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो सकते हैं।

अंततः, इन सभी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि सही जानकारी प्राप्त करना और अफवाहों से बचना बेहद जरूरी है, खासकर ऐसे समय में जब स्थिति संवेदनशील हो। सोशल मीडिया पर इन खबरों ने छात्रों के परिजनों की परेशानी को बढ़ा दिया है। हालांकि AIMSA और FAIMA बयान से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com