नाना पाटेकर (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Nana Patekar Birthday Special Story: बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को मुंबई में हुआ था। आज एक्टर अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। नाना पाटेकर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की थी। रंगमंच से मिली कड़ी ट्रेनिंग ने उनके अभिनय को वह गहराई दी, जो आगे चलकर फिल्मों में भी साफ दिखाई दी। उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं नाना पाटेकर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से और उनके करियर के अहम पहलू।
नाना पाटेकर ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें फिल्मों की दुनिया में लाने का श्रेय दिवंगत एक्ट्रेस स्मिता पाटिल को जाता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह और स्मिता पाटिल दोनों थिएटर से जुड़े हुए थे। नाना के मुताबिक, स्मिता ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश दिलाया। उस दौर में नाना नाटकों में पूरी तरह रम चुके थे और सिनेमा में आने का उनका कोई खास इरादा नहीं था, लेकिन स्मिता पाटिल के भरोसे और सहयोग ने उनके करियर की दिशा बदल दी।
फिल्मों में कदम रखने के बाद नाना पाटेकर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निपथ’, ‘तिरंगा’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया। खासतौर पर ‘क्रांतिवीर’ में निभाए गए उनके किरदार के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। नाना का मानना है कि वह किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को एक आम दर्शक की तरह सुनते हैं और वही कहानी चुनते हैं, जो उन्हें भीतर तक छू जाए।
नाना पाटेकर की एक खासियत यह भी है कि वह स्क्रिप्ट और किरदार में पूरी तरह डूब जाते हैं। वह मानते हैं कि एक बार कहानी लॉक हो जाने के बाद वह 6 से 8 महीने तक उसी किरदार के साथ जीते हैं। यही वजह है कि उनके किरदार इतने प्रभावशाली लगते हैं। उनका कहना है कि फिल्म उनके लिए दवा की तरह है, जो उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रखती है।
जहां तक अवॉर्ड्स की बात है, नाना पाटेकर ने इस पर भी खुलकर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि अवॉर्ड शोज में जूरी के कुछ लोगों से उनके मतभेद रहे हैं, इसलिए उन्हें ज्यादा अवॉर्ड नहीं मिलते। हालांकि, नाना इसे कभी अपनी कमी नहीं मानते। थिएटर से मिली ट्रेनिंग और दर्शकों की तारीफ को ही वह अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। आने वाले समय में नाना पाटेकर आमिर खान के साथ काम करने की इच्छा जता चुके हैं।