माधुरी दीक्षित की वजह से मनीषा कोइराला मिली सौदागर फिल्म, सुभाष घई को सुझाया था नाम

मनीषा कोइराला को माधुरी दीक्षित की वजह से सुभाष है की फिल्म 'सौदागर' में काम करने का मौका मिला था। खुद एक्ट्रेस ने अब इस बात का खुलासा किया है। आइए जानते हैं मनीषा कोइराला ने इस विषय पर क्या कुछ कहा है।
Madhuri Dixit recommended Manisha Koirala for Saudagar film
Updated on

मुंबई: मनीषा कोइराला ने बॉलीवुड में सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। लेकिन मनीषा कोइराला ने अब बड़ा खुलासा करते हुए यह बताया कि सुभाष घई की फिल्म 'सौदागर' में काम करने का मौका उन्हें माधुरी दीक्षित की वजह से मिला था। मनीषा कोइराला ने एक इंटरव्यू में माधुरी दीक्षित को लेकर ढेर सारी बात की है। उन्होंने बताया कि माधुरी दीक्षित ने उनकी मदद की थी।

माधुरी दीक्षित ने मनीषा कोइराला के साथ राजकुमार संतोषी की फिल्म लज्जा में काम किया था। इस दौरान माधुरी दीक्षित के साथ डांस करने का उन्हें मौका मिला, लेकिन वह माधुरी दीक्षित के साथ बड़ी मुश्किल से डांस कर पाई थी। माधुरी दीक्षित के बारे में बात करते हुए मनीषा कोइराला ने कहा कि पहले मुझे लोग माधुरी दीक्षित की हमशक्ल कहा करते थे। लेकिन उसे समय मुझे इतनी खुशी नहीं होती थी, पर अब मैं उस बात पर बेहद खुश होती हूं, क्योंकि वो बहुत खूबसूरत है और एक अद्भुत महिला हैं, मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं और मेरे मन में उनके लिए ढेर सारा सम्मान है।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए गए इंटरव्यू में मनीषा कोइराला ने बताया कि मुझे काफी समय के बाद यह पता चला कि 'सौदागर' फिल्म में मुझे काम करने का मौका माधुरी दीक्षित की वजह से मिला था। दरअसल माधुरी दीक्षित ने ही सुभाष घई को मेरे नाम का सुझाव दिया था। इसके बाद सुभाष घई ने राकेश श्रेष्ठ के फोटोशूट में मुझे देखा और फिल्म के ऑडिशन के लिए बुलाया। माधुरी दीक्षित ने अगर मेरा सुझाव नहीं दिया होता तो उस फिल्म में मेरे अलावा कोई और अभिनेत्री काम करती। मैं उस फिल्म में जब काम कर रही थी तब मेरी उम्र काफी कम थी। मैं 12वीं की परीक्षा पास करके एक्ट्रेस बनने आ गई थी। 18-19 साल की उम्र में आपको जीवन को लेकर कोई जानकारी नहीं होती। ऐसे में मैं बहुत डरी हुई थी लेकिन फिल्म में काम करने का मेरा अनुभव बेहद अच्छा रहा।

मनीषा कोइराला ने फिल्म लज्जा में माधुरी दीक्षित के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया और बताया कि उस समय मैं मैच्योर हो गई थी। मेरी आंखें खुल चुकी थी और मैं अपनी अच्छाई देख रही थी। मैंने जब माधुरी को देखा तो मुझे लगा कि इतना टैलेंटेड इंसान इतना विनम्र कैसे हो सकता है और तब से माधुरी दीक्षित को लेकर मेरी धारणा बदलती चली गई और आज मैं उनसे बेहद प्यार करती हूं।

Navbharat Live
navbharatlive.com