उत्तर कोरिया का शक्ति प्रदर्शन: दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें, अमेरिका और जापान में मची खलबली

North Korea Missiles Launch: उत्तर कोरिया ने आज पूर्वी सागर में 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर तनाव बढ़ा दिया है। द. कोरिया और US के संयुक्त अभ्यास 'फ्रीडम शील्ड' के विरोध में यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
North Korea Missile Launch Pyongyang Fires 10 Ballistic Missiles Amid US South Korea Exercises 
उत्तर कोरिया का बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण (सोर्स-सोशल मीडिया)
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North Korea Ballistic Missile Test: ईरान जंग के बीच उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर एक साथ 10 बैलिस्टिक मिसाइलें फायर कर दुनिया में सनसनी मचा दी है। इन मिसाइलों के परीक्षण ने न केवल दक्षिण कोरिया बल्कि जापान और अमेरिका को भी हाई अलर्ट पर रहने को मजबूर कर दिया है। किम जोंग-उन की इस कार्रवाई को अमेरिका के लिए एक कड़ी चुनौती और गंभीर भड़कावे के तौर पर देखा जा रहा है। नॉर्थ कोरिया ने इस टेस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय जगत को अकल्पनीय अंजाम भुगतने की एक बड़ी और डरावनी चेतावनी भी दी है।

एक साथ 10 मिसाइलों का परीक्षण

प्योंगयांग के पास सुनान इलाके से दोपहर करीब 1:20 बजे ये मिसाइलें दागी गईं जिससे आसपास का पूरा इलाका थर्रा उठा है। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें दागना किम जोंग की शक्ति का एक असामान्य प्रदर्शन है। समुद्र में गिरे इन प्रोजेक्टाइल्स के बाद दक्षिण कोरिया ने अपनी सैन्य निगरानी और खुफिया तंत्र को पहले से और अधिक तेज कर दिया है।

फ्रीडम शील्ड अभ्यास का कड़ा विरोध

यह मिसाइल परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहे 'फ्रीडम शील्ड' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में किया गया है। यह रक्षा प्रशिक्षण 9 मार्च से शुरू हुआ था और उत्तर कोरिया इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा मानता है। तानाशाह किम की बहन किम यो-जोंग ने पहले ही आगाह किया था कि इन अभ्यासों के नतीजे बेहद अकल्पनीय और भयानक हो सकते हैं।

ट्रंप और किम की बातचीत के संकेत

हैरानी की बात यह है कि ये लॉन्च डोनाल्ड ट्रंप के किम जोंग से बातचीत की इच्छा जताने के ठीक एक दिन बाद हुए हैं। ट्रंप ने संकेत दिया था कि उनके किम के साथ अच्छे संबंध हैं और वे फिर से द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने को तैयार हैं। मगर उत्तर कोरिया ने कूटनीतिक बातचीत के बजाय मिसाइलों के शोर से जवाब देकर अपनी सख्त और आक्रामक रणनीति साफ कर दी है।

समुद्री सुरक्षा और जापान का अलर्ट

जापान के कोस्ट गार्ड ने आशंका जताई है कि ये सभी मिसाइलें जापान के पास के समुद्री क्षेत्र में जाकर गिर गई हैं। इस घटना के बाद जापान ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और अमेरिका के साथ जानकारियां साझा की हैं। प्योंगयांग ने हाल ही में अपने विनाशकारी युद्धपोत 'चो ह्योन' से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का भी सफल परीक्षण कर अपनी ताकत दिखाई थी।

ऐतिहासिक दुश्मनी और परमाणु खतरा

उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच का यह तनाव द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ही एक लंबी और कड़वी विरासत रहा है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का गहरा सैन्य गठबंधन उत्तर कोरिया के शासकों के लिए हमेशा से एक बड़ी सैन्य चुनौती बना रहा है। आज परमाणु खतरों और लगातार बढ़ते मिसाइल परीक्षणों ने इस पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता को पूरी तरह से दांव पर लगा दिया है।

निगरानी और भविष्य की तैयारी

दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अब इन मिसाइलों की मारक क्षमता और सटीक रेंज का गहराई से विश्लेषण करने में जुटी हैं। प्योंगयांग ने पिछली बार 27 जनवरी को कम दूरी की मिसाइलें दागी थीं जो उनके नए रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का एक हिस्सा थीं। फिलहाल दक्षिण कोरियाई सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और किसी भी अतिरिक्त लॉन्च के खिलाफ कड़ी निगरानी रखने का दावा कर रही है।

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