जावेद अख्तर ने क्यों कहा 'हर ममूटी के पास हो मोहनलाल जैसा दोस्त, सबरीमाला से है कनेक्शन

Javed Akhtar On Mammootty Mohanlal: मोहनलाल और ममूटी की दोस्ती के मिसाल जावेद अख्तर क्यों दे रहे हैं, आखिर ऐसा क्या हुआ है ममूटी के लिए मोहनलाल ने सबरीमाला मंदिर में पूजा की तो बवाल हो गया। आइए जानते हैं क्या है मामला। 
Javed Akhtar On Mammootty Mohanlal
हर ममूटी के पास हो मोहनलाल जैसा दोस्त, जावेद अख्तर ने क्यों कहा ऐसा
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Javed Akhtar On Mammootty Mohanlal: मोहनलाल और ममूटी की दोस्ती जगजाहिर है दोनों की दोस्ती की मिसालें दी जाती है। यह दोस्ती एक बार फिर चर्चा में आ गई है।  मुस्लिम ममूटी के लिए हिंदू मोहनलाल ने सबरीमाला के मंदिर में पूजा की तो बवाल हो गया। दरअसल खबर यह थी कि ममूटी को कैंसर हो गया है उन्होंने इलाज के लिए कम से छुट्टी ले ली है। लेकिन उनकी टीम ने अफवाह का खंडन कर दिया। इसी बीच मोहनलाल सबरीमाला मंदिर पहुंचे और उन्होंने ममूटी के लिए पूजा अर्चना की चिट्ठी में लिखकर उनका नाम भी दिया, वह रसीद वायरल हो गई और लोगों ने बवाल मचा दिया। ममूटी और मोहनलाल से माफी मांगने की बात की जा रही है। इसी पर जावेद अख्तर ने नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को करारा जवाब दिया है।

जावेद अख्तर ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैं चाहता हूं भारत में हर ममूटी के पास मोहनलाल जैसा दोस्त हो और हर मोहनलाल के पास ममूटी जैसा दोस्त हो, यह स्पष्ट है कि उनकी महान दोस्ती कुछ छोटे संकीर्ण सोच वाले कुछ और नकारात्मक लोगों की समझ से परे है, लेकिन परवाह किसे है। जावेद अख्तर की इस पोस्ट को नकारात्मक टिप्पणी करने वालों की मुंह पर करारा तमाचा माना जा रहा है।

18 मार्च को सबरीमाला मंदिर में उषा पूजा के दौरान पुजारी को एक नोट मोहनलाल ने सौंपा था जिसमें ममूटी का नाम और उनके जन्म का नक्षत्र लिखा हुआ था। मंदिर के ट्रस्ट में जमा की गई इस रशीद का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है और उसके बाद लोगों ने बवाल मचाना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि मुस्लिम की ओर से हिंदू मंदिर में प्रार्थना करना इस्लामी मान्यताओं के विपरीत है। इसीलिए ममूटी और मोहनलाल से माफी मांगने की मांग की जा रही है। इस मामले को लेकर जावेद अख्तर का पोस्ट सामने आया है।

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