

Diljit Dosanjh Emotional Video: दिलजीत दोसांझ इन दिनों ‘बॉर्डर 2’ में अपनी शानदार परफॉर्मेंस को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। उनकी एक्टिंग, कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल डेप्थ को दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स से भी खूब सराहना मिल रही है। लेकिन इस सफलता के पीछे एक ऐसा संघर्ष छुपा है, जिसे जानकर फैंस भावुक हो रहे हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिलजीत दोसांझ ने अपने बचपन से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब साल 1997 में जे.पी. दत्ता की आइकॉनिक फिल्म ‘बॉर्डर’ रिलीज हुई थी, तब वे उस फिल्म को सिनेमाघर में देखने तक का खर्च नहीं उठा सकते थे।
दिलजीत ने कहा कि उनके आसपास के कई लोग फिल्म देखने गए थे, लेकिन उनके पास टिकट के पैसे नहीं थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वे उनसे पैसे मांग सकें। उस वक्त वे मन ही मन फिल्म देखने की इच्छा रखते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिलजीत ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें कभी अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन वे उसी फिल्म की अगली कड़ी का हिस्सा बनेंगे।
‘बॉर्डर 2’ में दिलजीत दोसांझ फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं। यह किरदार भारतीय वायुसेना के एक बहादुर योद्धा पर आधारित है, जिन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अद्भुत साहस का परिचय दिया था। दिलजीत ने बताया कि यह रोल उनके लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे निर्मल जीत सिंह सेखों के बारे में नहीं जानते हैं, तो उनके जीवन के बारे में जरूर पढ़ें और समझें।
अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ को ओरिजिनल फिल्म से कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। फिल्म में इस बार सिर्फ थलसेना ही नहीं, बल्कि आर्मी, एयर फोर्स और नेवी को एक साथ दिखाया गया है, जो एक जॉइंट ऑपरेशन के जरिए दुश्मन से मुकाबला करते हैं।
फिल्म के केंद्र में एक बार फिर सनी देओल हैं, जो लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर के रोल में नजर आ रहे हैं। वे न सिर्फ कमांडिंग ऑफिसर हैं, बल्कि वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे युवा सैनिकों के लिए एक इमोशनल सपोर्ट सिस्टम भी हैं। ‘बॉर्डर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि जज़्बे, बलिदान और सपनों की उड़ान की कहानी बनकर उभर रही है।