नागपुर मनपा का बजट आज, मनपा आयुक्त को मिली मिहान की कमान, टाउन प्लानिंग पर रहेगा जोर

Nagpur NMC Budget 2026: नागपुर मनपा का बजट आज। आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर पेश करेंगे लेखा-जोखा। नगर रचना विभाग से ₹252 करोड़ का राजस्व, अब मैनपावर और बुनियादी सुविधाओं पर जोर।
NMC Commissioner Dr. Vipin Itankar to present the 2026-27 budget today. Focus on increasing town planning revenue and improving urban infrastructure.
नीता ठाकरे और डॉ. विपीन इटनकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Town Planning Revenue Nagpur: नागपुर महानगर पालिका आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर शुक्रवार को सुबह 11 बजे स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दानी वखरे को बजट प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे मनपा मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में बजट के बारे में जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

डॉ. इटनकर को सौंपा अतिरिक्त प्रभार

आईएएस अफसर डॉ. विपिन इटनकर को मनपा का आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनके इस पदस्थापन को ध्यान में रखते हुए उन्हें अगले आदेश तक अध्यक्ष एवं व्यवस्थापकीय संचालक, मिहान इंडिया लिमिटेड (सीएमडी एमआईएल) और सह व्यवस्थापकीय संचालक, महाराष्ट्र एयरपोर्ट विकास कंपनी, नागपुर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया जा रहा है।

विकास के लिए नगर रचना विभाग आय बढ़ाए

नागपुर शहर के विकास के लिए महानगरपालिका की आय में वृद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए नगर रचना विभाग को ठोस कदम उठाने का निर्देश महापौर नीता ठाकरे ने अधिकारियों को दिया। गुरुवार को स्थायी समिति के सभागार में नगर रचना विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में महापौर ने राजस्व वृद्धि की समीक्षा की।

दिसंबर 2025 तक 252 करोड़ का राजस्व

बैठक के दौरान नगर रचना विभाग के उपसंचालक गिरीश गोडबोले ने पिछले 4 वर्षों की आय का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान आर्थिक वर्ष में दिसंबर 2025 तक नगर रचना विभाग के माध्यम से मनपा को 252 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। गोडबोले ने विश्वास जताया कि इस राशि में भविष्य में निश्चित रूप से और बढ़ोतरी होगी।

बुनियादी सुविधाओं और मैनपावर पर जोर

महापौर नीता ठाकरे ने प्रशासन को निर्देश दिया कि यदि आय बढ़ाने के लिए विभाग में अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है तो उसके लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए। बैठक में सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि इमारतों के पुनर्विकास के समय बहुमंजिला इमारतें तो खड़ी कर दी जाती हैं लेकिन सीवरलाइन की क्षमता नहीं बढ़ाई जाती। इससे स्थानीय नागरिकों को काफी परेशानी होती है।

उन्होंने सुझाव दिया कि डेवलपर्स को मंजूरी देते समय सीवरलाइन और अन्य नागरी सुविधाओं की क्षमता बढ़ाने की शर्त अनिवार्य की जानी चाहिए। आयुक्त विपिन इटनकर ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर रचना विभाग में रिक्त पदों और मैनपावर की समीक्षा कर जल्द ही कर्मचारियों की नियुक्ति के संदर्भ में उचित निर्णय लिया जाएगा।

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