Border 2: ए.आर. रहमान के ‘कम्युनल’ बयान पर भड़के मनोज मुंतशिर, जावेद अख्तर के रिजेक्शन पर भी तोड़ी चुप्पी
Manoj Muntashir On Border 2 Music Controversy: मनोज मुंतशिर ने 'बॉर्डर 2' की रिलीज से पहले ए.आर. रहमान के बयान पर असहमति जताई और जावेद अख्तर के फिल्म से न जुड़ने के फैसले पर अपना पक्ष रखा।
Manoj Muntashir On Border 2 Javed Akhtar And AR Rahman (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Manoj Muntashir: युद्ध गाथा ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म के ट्रेलर और गानों ने पहले ही दर्शकों के बीच देशभक्ति का ज्वार पैदा कर दिया है। इसी बीच, फिल्म के गीतकार मनोज मुंतशिर और संगीतकार मिथुन ने फिल्म के संगीत, पुरानी ‘बॉर्डर’ से तुलना और हाल ही में ए.आर. रहमान व जावेद अख्तर द्वारा दिए गए बयानों पर खुलकर अपनी राय रखी है।
रिलीज से ठीक पहले मनोज मुंतशिर ने फिल्म को मिल रहे अपार जनसमर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और इसे केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ‘देश की फिल्म’ करार दिया।
फिल्म ‘बॉर्डर’ के मूल गीतकार जावेद अख्तर द्वारा ‘बॉर्डर 2’ के गानों को रिजेक्ट करने की खबरों पर मनोज मुंतशिर ने गरिमापूर्ण जवाब दिया। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “अगर जावेद साहब ने गानों का हिस्सा न बनने का फैसला किया है, तो हम उनके निर्णय का सम्मान करते हैं। जेपी दत्ता जी का उनके पास जाना जरूरी था, क्योंकि उनके बिना ‘बॉर्डर’ की कल्पना अधूरी है। अगर वे रीक्रिएशन नहीं करना चाहते थे, तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है।” वहीं मिथुन ने जोड़ा कि रीक्रिएटेड गानों के अलावा ओरिजिनल गाना ‘मिट्टी के बेटे’ भी दर्शकों के दिलों को गहराई से छू रहा है।
दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिकता को लेकर दिए गए बयान पर मनोज मुंतशिर ने तीखी असहमति जताई। उन्होंने कहा, “हम रहमान साहब की बहुत इज्जत करते हैं, लेकिन मैं उनके बयान से सहमत नहीं हूं। जिस इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारे शाहरुख और सलमान खान हैं और सबसे बड़े गीतकार जावेद अख्तर हैं, वहां भेदभाव कैसे हो सकता है? हिंदी सिनेमा जाति और धर्म से परे है।” संगीतकार मिथुन ने भी रहमान को अपना प्रेरणास्रोत बताया लेकिन इसे उनकी व्यक्तिगत राय करार दिया।
संगीत में AI के इस्तेमाल पर तंज
संगीत और लेखन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दखल पर मनोज मुंतशिर ने इसे एक ‘खराब आइडिया’ बताया। उनका मानना है कि एआई में वह मानवीय संवेदना और क्षमता नहीं है जो एक कवि या संगीतकार के दिल से निकलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एआई को कोई महत्व नहीं देते क्योंकि कलात्मक कार्यों में यह किसी काम के लायक नहीं है। मनोज और मिथुन दोनों ही आश्वस्त हैं कि ‘बॉर्डर 2’ का संगीत और कहानी बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचेगी।