

Pawan Singh Fraud Case: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह एक बड़े कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। वाराणसी की एक अदालत ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि इस मामले में गैर-जमानती धाराएं भी शामिल की गई हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला साल 2018 में हुए एक फिल्म निवेश घोटाले से जुड़ा है। दरअसल, वाराणसी के नामी व्यापारी विशाल सिंह का आरोप है कि उन्हें भोजपुरी फिल्म ‘बॉस’ में निवेश के नाम पर धोखा दिया गया। फिल्म में पवन सिंह मुख्य अभिनेता थे और यह मूवी रिलीज भी हो चुकी है, लेकिन निवेशक को अब तक मुनाफे का कोई हिस्सा नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक, विशाल सिंह ने करीब 1.25 करोड़ रुपये का निवेश किया था। फिल्म रिलीज होने के बावजूद निवेश की रकम वापस नहीं की गई और न ही किसी तरह का प्रॉफिट शेयर दिया गया। इस मामले में शुरुआत में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर व्यापारी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
13 अगस्त 2025 को वाराणसी की अदालत ने कैंट थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद थाना पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाने के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत केस दर्ज करने का आदेश दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अदालत के आदेश के बाद आखिरकार पवन सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 467 और 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना), और 506 (धमकी देना) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनमें से कुछ धाराएं गैर-जमानती भी हैं, जिससे आरोपियों के लिए यह मामला और पेचीदा हो गया है।
इस पूरे विवाद पर पीड़ित व्यापारी के वकील आशीष सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि “फिल्म ‘बॉस’ के निर्माण के नाम पर हमारे क्लाइंट से निवेश करवाया गया था। फिल्म रिलीज हो चुकी है लेकिन पैसे का कोई हिसाब नहीं दिया गया। कोर्ट ने हमारी शिकायत पर सुनवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)