
भानुप्रिया (फोटो क्रेडिट-सोशल मीडिया)
Bhanupriya Birth Anniversary Special Story: हिंदी और साउथ सिनेमा की दुनिया में 80 के दशक में कई ऐसी अभिनेत्रियां आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती और अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया। इन्हीं में एक नाम है भानुप्रिया, जिनकी मासूम शक्ल, बड़ी-बड़ी आंखें और शानदार डांस ने उन्हें इंडस्ट्री में खास पहचान दिलाई। बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले भानुप्रिया का जीवन संघर्ष और शर्म से भरा रहा है, यहां तक कि उन्हें स्कूल तक छोड़ना पड़ा था।
15 जनवरी को जन्मीं भानुप्रिया बचपन से ही क्लासिकल डांस, खासकर कुचिपुड़ी में माहिर थीं। उनकी डांस प्रतिभा और आंखों की मासूमियत हर किसी का ध्यान खींच लेती थी। हालांकि, यही खूबी उनके लिए परेशानी का कारण भी बन गई। स्कूल के दिनों में उनके लुक और डांस को लेकर लोग मजाक उड़ाने लगे, जिससे वे अंदर ही अंदर टूटने लगीं। हालात ऐसे बने कि उन्हें शर्म के कारण स्कूल जाना तक बंद करना पड़ा।
इसी दौरान मशहूर तमिल निर्देशक के. भाग्यराज नए चेहरे की तलाश में थे। भानुप्रिया का क्लासिकल डांस देखकर उन्होंने उन्हें अपनी फिल्म के लिए चुन लिया। उस समय भानुप्रिया बेहद छोटी थीं और उम्र का अंतर ज्यादा होने के कारण उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया गया। लेकिन पहली फिल्म मिलने की खुशी में उन्होंने स्कूल में यह बात सबको बता दी थी। जब फिल्म हाथ से निकल गई, तो उन्हें डर सताने लगा कि स्कूल में उनका मजाक बनेगा। इसी डर और शर्म की वजह से उन्होंने दोबारा स्कूल न जाने का फैसला कर लिया।
भानुप्रिया ने साल 1983 में तमिल फिल्म ‘मेल्ला पेसुन्गल’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने तमिल और तेलुगू सिनेमा में लगातार काम किया और अपनी बेहतरीन अदाकारी से पहचान बनाई। 1986 में फिल्म ‘दोस्ती-दुश्मनी’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद ‘खुदगर्ज’, ‘दाव पेंच’, ‘कसम वर्दी की’ और ‘जहरीले’ जैसी फिल्मों में वह नजर आईं। गोविंदा, मिथुन चक्रवर्ती, रजनीकांत, चिरंजीवी, धर्मेंद्र और ऋषि कपूर जैसे बड़े सितारों के साथ काम करना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही।
करीब 150 फिल्मों में काम करने के बाद भानुप्रिया ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली। निजी जिंदगी में भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 2005 में तलाक के बाद वह अपनी बेटी के साथ अकेली रहने लगीं। साल 2018 में पूर्व पति की मौत ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि इस सदमे के बाद उनकी याददाश्त कमजोर हो गई और उन्हें डायलॉग याद रखने में भी दिक्कत होने लगी।






